बिट्टू बजरंगी का दावा है कि नूहं दंगा के दौरान अरमान फरीदाबाद में जूस बेचा करता था। उसने अपनी दुकान में खुद ही आग लगा कर हिंदुओं को फँसाने की कोशिश की थी।
बिहार के पूर्णिया में मृत्युभोज को लेकर हत्या की यह खबर ऐसे समय में आई है, जब सोशल मीडिया में राजस्थान के मृत्युभोज निवारण अधिनियम 1960 को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट में मनचाहे जज के सामने सुनवाई की आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सत्येन्द्र जैन की अपील मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने ठुकरा दी है।
अरमान की अगुवाई में हमलावरों ने बिट्टू बजरंगी के भाई महेश पांचाल की बाकायदा पहचान सुनिश्चित की और पेट्रोल छिड़क कर आग के हवाले कर दिया। महेश की हालत गंभीर है।