विचार

मुस्लिम औरतों के लिए 3 महीने का ‘इद्दत’, सागरिका जी ने 3 साल का रखा, इसलिए TMC से जायज माना जाए राजदीप सरदेसाई की...

कभी राज्यसभा की सीट कबूल नहीं करने की मुनादी करने वाली सागरिका घोष ने अब बताया है कि क्यों टीएमसी का ऑफर कबूल करना उनके लिए जायज है।

हल्द्वानी जल गया, पर रवीश कुमार की नहीं बुझी है प्यास: चाहते हैं अब मौके पर पहुँचकर आग भड़काए विपक्ष, दंगाइयों की बने ढाल

रवीश कुमार विपक्ष को सलाह दे रहे हैं कि वो वहाँ जाकर आग को और भड़काए। क्या इतना खून काफी नहीं है? न्यायालय भी अब सांप्रदायिक हो गया?

पूनम पांडेय के सस्ते पब्लिसिटी स्टंट पर होगी कार्रवाई? अगर किसी पुरुष ने ऐसा किया होता तब?

पूनम पांडेय की इस हरकत पर लोग निंदा तो कर रहे हैं, मगर यह तब तक अधूरा है जब तक इस प्रकार के पब्लिसिटी स्टंट को लेकर कोई कानूनी कदम नहीं उठाया जाता।

नीतीश ‘सबके क्यों हैं?’ – ‘पलटूराम’ की वर्तमान छवि में नहीं, इतिहास में है ‘सुशासन बाबू’ को लेकर इस सवाल का जवाब, जो दूध...

नीतीश सबके क्यों हैं? किसी को उनसे या उनको किसी से परहेज क्यों नहीं? इसका जवाब उनकी वर्तमान छवि में नहीं, बल्कि इतिहास में ढूँढ़ा जा सकता है।

‘परिवार-तोड़ू फेमिनिस्ट और न्याय-विरोधी वामपंथी’ को भगवान राम से नफरत क्यों? क्योंकि ‘शबरी के बेर, ताड़का को ढेर, सौतेली माँ का मान’ टाइप आदर्श...

प्रभु श्रीराम मर्यादा निर्धारित करते हैं कि अपराध लिंग निरपेक्ष होता है तो दंड भी लिंग निरपेक्ष ही हो। तभी फेमिनिस्ट भगवान से घृणा करती हैं।

डियर आरफा, एक बार तेल लगाकर डाबर का DNA निकाल लो बाबर का, फिर सीने में नहीं चुभेगा भगवा

आरफा, जब तक आप खुद को बाबर से जोड़कर देखेंगी तब तक आपको भगवा चुभेगा ही चुभेगा। आप नहीं समझ पाएँगी कि इस धरती पर राम मंदिर का महत्व क्या है।

निर्धन-वंचित वर्ग का आर्थिक समावेशन, स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, महिला सशक्तिकरण… रामराज्य का समसामयिक संस्करण है PM मोदी का ‘नव-कल्याणवाद’

PM मोदी का शासन-सूत्र रामराज्य का समसामयिक संस्करण है। उनके शासन का ध्येय-मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, और सबका प्रयास' है।

जो थे ‘जननायक’ उसे लालू कहते थे ‘कपटी ठाकुर’, भारत रत्न मिलते ही बना लिया ‘गुरु’: जो आज बनते हैं सामाजिक न्याय के ‘मसीहा’...

कर्पूरी ठाकुर को 'कपटी' कहने वाले लालू यादव आज किस मुँह से उन्हें अपना गुरु बता रहे हैं? श्रेय लूटने की होड़ में भूल गए कि उन्होंने बीमार नेता के साथ क्या किया था।

यह केवल धर्म नहीं, राम सिर्फ भगवान नहीं, यह हर्ष मात्र भक्ति नहीं

राम पर हरेक का अधिकार उनके अवतार होने के कारण नहीं है। अराध्य होने के कारण नहीं है। किसी मायाजाल या चमत्कार से नहीं है।

राम अनादि अखंड अनंता: वातावरण में प्रभु श्री राम हैं व्याप्त, सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण काल

वातावरण में प्रभु श्री राम व्याप्त हैं। अयोध्या में दिव्य, भव्य मंदिर का होने वाला लोकार्पण सुखद क्षण है। भारत के लिए यह अमृत काल है।

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