साल 2019 में जिस जामिया में सीएए-एनआरसी के विरोध के नाम पर हिंसा को अंजाम दिया गया था, वहाँ के छात्रों ने एक बार अपने परिसर में 'ला इलाहा इल्ललाह' की नारेबाजी की।
महाराष्ट्र में भाजपा की अगुवाई वाली महायुति की प्रचंड जीत में RSS की रणनीति और जमीनी स्तर पर काम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके सूत्रधार अतुल लिमये रहे हैं।
एक समय था जब यासीन मलिक खुलेआम कश्मीरी पंडितों की हत्या की बात स्वीकारता था और तत्कालीन पीएम उसका स्वागत करते थे। यही वजह है कि मुशाल को राहुल गाँधी से उम्मीद है कि वो उनके शौहर को बचाएँगे।