महुआ मोइत्रा सहित TMC की 11 महिला सांसद हैं लोकसभा में, राज्यसभा में सागरिका घोष हैं - लेकिन, रेप-हत्या के मामले न्याय दिलाने की जगह ये सवाल पूछने वालों को ब्लॉक करने में लगी हैं।
किसी विदेशी मजहब को इस देश में रह कर मातृभूमि से ऊपर रखने की यही सोच है जो कट्टरपंथी और आतंकवाद के रूप में तब्दील होती जा रही है। कल को मौलाना साजिद रशीदी जैसे लोग ये भी कहेंगे कि स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देना इस्लाम में हराम है।
जया बच्चन को सोचना चाहिए कि उनके नाम के साथ अमिताभ बच्चन का नाम जुड़ने से उनकी उपलब्धियाँ नहीं कम हो जातीं जो उन्होंने अपने दम पर अर्जित की। फिर इतना गुस्सा क्यों?
आज विनेश फोगाट के साथ पूरा देश खड़ा है, लेकिन कभी योगेश्वर दत्त, बबीता फोगाट और PT उषा को भला-बुरा कहने वालों ने जिस तरह से जश्न मनाने के नाम पर 'डिजिटल गुंडागर्दी' की, क्या वो माफ़ी माँगेंगे?
नहीं, भारत कभी भी पाकिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका या बांग्लादेश नहीं बन सकता। यहाँ वार्ड से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव उत्सव है। यहाँ लोग विविधता के साथ तारतम्यता में जीते हैं। यहाँ की सेना का अनुशासन और उनकी प्रशिक्षण प्रक्रिया ऐसी है कि तख्तापलट जैसी चीजें सोची भी नहीं जा सकतीं। भारत में लगातार विकास हो रहा है, किसानों को मिल रही सरकारी सहूलियतें उनका जीवन आसान बनाती हैं।
एक तरफ योगेंद्र यादव 'बाबासाहब के सपनों' की बात करते हुए जाति मिटाने की भी बात करते हैं, दूसरी तरफ ये भी चाहते हैं कि हर कोई अपनी जातिगत पहचान आगे करे। दोनों चीजें एक साथ कैसे हो सकती हैं?