उन्हें बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लाया गया था, लेकिन क्या अब वो व्यवस्था के लिए बोझ बन गए हैं? सुबह 5 बजे निकलना और दोपहर के 2 बजे घर पहुँचना - इस चक्कर में शिक्षक न तो सुबह कुछ खा पा रहे हैं और न ही दोपहर को ठीक से लंच कर पा रहे हैं। एक मिनट की देरी पर भी वेतन काट लिया जा रहा है। शिक्षक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, बच्चे क्लास में बेहोश हो रहे हैं। इस साल गर्मी छुट्टी तक नहीं मिली।
कॉन्ग्रेस ने जो मुस्लिमों के लिए किया वो भले ही मुस्लिम भूल जाएँ लेकिन हिंदुओं को याद रखना चाहिए, ताकि हमेशा दिमाग में रहे कैसे कॉन्ग्रेस हिंदुओं को दोयम दर्जे का बनाना चाहती थी।