जो चैतन्य महाप्रभु की भूमि थी, उसे पहले 1946 के नरसंहार के बाद खंडित किया गया और अब भी वहाँ शरिया ही चलाया जा रहा है। सीरिया से लेकर तमिलनाडु तक ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं। मोपला से लेकर चोपरा तक, खून हिन्दुओं का ही बहता है।
केसी वेणुगोपाल के पत्र ने यह साफ कर दिया है कि कॉन्ग्रेस इमरजेंसी के दौर पर खुद तो बात नहीं ही करना चाहती बल्कि बाकी लोगों को भी इस विषय में चुप करना चाहती है।
कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस ने अपने ही नेता को डिप्टी स्पीकर बना रखा है विधानसभा में। तमिलनाडु में DMK, झारखंड में JMM, केरल में लेफ्ट और पश्चिम बंगाल में TMC ने भी यही किया है। दिल्ली और पंजाब में AAP भी यही कर रही है। लोकसभा में यही I.N.D.I. गठबंधन वाले 'परंपरा' और 'परिपाटी' की बातें करते नहीं थक रहे।
छत्रपति शिवाजी और BR आंबेडकर की मूर्तियाँ हटाए जाने वाला दुष्प्रचार, मराठा आरक्षण वाले मुद्दे का फिर से भड़कना और मनोज जरांगे पाटिल पर फिल्म, केंद्र सरकार को अस्थिर बता कर भ्रम फैलाना - विधानसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस महाराष्ट्र में कौन सी साजिश रच रही?