“वार्ड नंबर 73, मुख्यमंत्री का निवास स्थान है। यहाँ उनके साथ पार्टी के समन्वयक और चेयरमैन भी हैं। इसके पश्चात भी ऐसी घटना हुई। हमारा प्रदर्शन इसी लापरवाही के विरुद्ध है।"
पवार ने दावा किया कि अनिल देशमुख 5 से 15 फरवरी तक अस्पताल में भर्ती थे। 16 फरवरी से 27 फरवरी तक होम आइसोलेट थे। जबकि इस दौरान उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस करने, लोगों से मिलने के सबूत सामने आए हैं।
बैठक के बाद मंत्री जयंत पाटिल ने अपने बयान में यह साफ़ कहा कि अनिल देशमुख का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा। देशमुख के इस्तीफे की जरूरत नहीं है। मामले की जाँच महाराष्ट्र एटीएस और एनआइए कर रही है।
अमित शाह ने कहा कि घोषणा पत्र की जगह हमने इसे 'संकल्प पत्र' नाम देना उचित समझा है। क्योंकि ये एक संकल्प है कि हम आगे कैसे सोनार बांग्ला बनाएँगे। कैसे पश्चिम बंगाल की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करेंगे।