Saturday, July 31, 2021
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‘ऐसा लगा वो गुंडे मुझे मारना चाहते थे’: ऑपइंडिया से BJP विधायक अरुण नारंग की बातचीत

“लोकतंत्र में हर पार्टी के पास अपने विचार रखने का अधिकार है। लेकिन कॉन्ग्रेस हमें बोलने नहीं दे रही। मैं एक नेता को सुन रहा था जिसका कहना था कि हमें तब तक बोलना ही नहीं चाहिए जब तक उनकी माँगे नहीं मान ली जातीं। ये सब ऐसे नहीं चलेगा। ये लोकतंत्र नहीं है।”

कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों ने कल (मार्च 27, 2021) पंजाब में अबोहर के भाजपा विधायक अरुण नारंग पर हमला बोलते हुए बीच सड़क पर उनके कपड़े फाड़ दिए। घटना मलोट में घटी। कुछ ही देर में हमले की वीडियो हर जगह वायरल हो गई। वीडियो में देख सकते हैं कि कितनी मुश्किल से भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस ने अरुण नारंग को उग्र प्रदर्शनकारियों से बचाया।

मेरे पहुँचते ही हुआ मुझ पर हमला- अरुण नारंग

आज ऑपइंडिया ने इस घटना की बाबत भाजपा विधायक अरुण नारंग से संपर्क किया। नारंग ने हमसे बातचीत में अपने ऊपर हुए हमले को कॉन्ग्रेस की नाकामयाबी करार देते हुए कहा कि उनकी प्रेस वार्ता कॉन्ग्रेस शासित प्रदेश पंजाब के मलोट में आयोजित की गई थी। जैसे ही वह वहाँ पहुँचे हमलावरों ने हमला बोल दिया।

किसी प्रकार की नारेबाजी के बारे में जब हमने नारंग से पूछा तो उन्होंने कहा कि हमले से पहले कोई नारा नहीं दिया गया। लेकिन जैसे ही वह गाड़ी से बाहर निकले, हमलावर चिल्लाने लगे कि ये रहा भाजपा विधायक, ये रहा।

‘मैं हमेशा किसानों के साथ हूँ और किसान मेरे साथ’

नारंग ने बताया कि उन्होंने इस मामले में शिकायत दर्ज करवा दी है। पार्टी उनके साथ है और हमलावरों पर उपयुक्त कार्रवाई होगी। नारंग ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह हमेशा से किसानों के हित में थे। उनके विधानसभा क्षेत्र में किसान उनके साथ हैं।

हमलावरों पर बात करते हुए उन्होंने बताया, “जिन्होंने मुझ पर हमला किया उन्होंने भले ही किसान संघ का झंडा लिया था लेकिन वे गुंडे थे। मेरे क्षेत्र के किसान मेरे दोस्त हैं और वे मुझे भली भाँति जानते हैं।” 

गुंडों की पहचान करने के लिए जाँच जरूरी

नारंग ने हमलावरों की पहचान को लेकर कहा कि ये जाँच का विषय है। वहीं बीकेयू प्रवक्ता राकेश टिकैत के बयान, जिसमें उन्होंने भाजपा को इस हमले का जिम्मेदार बताया, उस पर अपनी बात रखते हुए नारंग ने कहा कि जाँच के बाद ही हमलावरों की पहचान हो पाएगी। वह बोले, “उनकी (हमलावर) पहचान और फंडिग का स्रोत जाँच का विषय है। पुलिस को पता लगाना चाहिए कि इसके पीछे कौन है।”

‘सत्ता में लौटने के लिए कॉन्ग्रेस भड़का रही विरोध प्रदर्शन’

अरुण नारंग के अनुसार, साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सत्ता पाने के लिए अमरिंदर सिंह की सरकार इस प्रदर्शन का इस्तेमाल कर रही है। वह किसानों को भड़का रहे हैं और केंद्र सरकार के प्रति भ्रम पैदा कर रहे हैं।

भाजपा विधायक कहते हैं कि पंजाब में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। कॉन्ग्रेस सरकार, लोकतांत्रित ढंग से चुने गए प्रतिनिधियों को सुरक्षा दिलाने में असमर्थ है। उन्हें विधायकों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है और यदि सुरक्षा ख़िलवाड़ में कोई भाजपा नेता मर भी जाए तो उन्हें इससे कोई लेना-देना नहीं है।

नारंग कहते हैं, “लोकतंत्र में हर पार्टी के पास अपने विचार रखने का अधिकार है। लेकिन कॉन्ग्रेस हमें बोलने नहीं दे रही। मैं एक नेता को सुन रहा था जिसका कहना था कि हमें तब तक बोलना ही नहीं चाहिए जब तक उनकी माँगे नहीं मान ली जातीं। ये सब ऐसे नहीं चलेगा। ये लोकतंत्र नहीं है।”

जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा देने में असफल हुए पंजाब सीएम को लेकर नारंग ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा मुहैया करवानी चाहिए, लेकिन वह कुछ नहीं कर रहे। पुलिस उस समय वहीं थी लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया।

ऐसा लगा वो मुझे मारना चाहते हैं- नारंग

नारंग ने बताया कि ये स्पष्ट नहीं है कि कौन लोग किसानों को भड़का रहे हैं और भाजपा पर हमले करवा रहे हैं। कल के हमले पर वह बोले, “ऐसा लगा जैसे उनका प्लॉन मुझे मारने का था। हालाँकि उन्होंने किसान संघ के झंडे लिए थे। लेकिन वह गुंडे थे। उनके ख़िलाफ़ जाँच होनी चाहिए और जल्द से जल्द उन्हें पकड़ा जाना चाहिए।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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