वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ कार्यकर्ता तो केक के लिए मंच पर ही अपने साथियों को धक्का देकर गिरा देते हैं। कुछ अपने एक या दोनों हाथों में केक लेकर भागते हुए भी नज़र आते हैं।
"पाकिस्तान और बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर आने के बाद मटुआ समुदाय के लोग भारत में शरणार्थी की तरह रह रहे हैं। हम उन्हें किसी भी सूरत में नागरिकता देकर रहेंगे और ऐसा करने से हमें कोई नहीं रोक सकता है।"
किसानों ने कहा, "हमलोग उन प्रदर्शनकारियों के साथ नहीं हैं।" केंद्रीय मंत्री तोमर के साथ उन्होंने अपने अनुभव साझा कर के बताया कि उन्हें कैसे नए कानूनों से लाभ हो रहा है।
जब 1907 में सूरत में कॉन्ग्रेस पार्टी का अधिवेशन हो रहा था तो दोनों हिस्सों के बीच तल्खियाँ बढ़ गईं। इस वक्त बीएस मुंजे ने खुलकर तिलक का समर्थन किया और यही वजह रही कि तिलक के वो भविष्य में भी काफी करीबी रहे।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफ़िले पर हुए पथराव को लेकर केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के 3 आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने का आदेश जारी किया है।