देश में जारी लॉकडाउन के बीच दिल्ली में चार लाख लोगों को हर रोज भोजन कराने का केजरीवाल सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब एक महिला दिल्ली सरकार के मंत्री के पास राशन की माँग को लेकर पहुँची थी। इसके बाद मंत्री ने महिला को 'सेवा भारती' से जुड़े एक व्यक्ति का नंबर थमा दिया।
मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में जमात के कनेक्शन के चलते कोरोना वायरस फैला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई के अस्पतालों में 90 फीसदी मरीजों का तबलीगी जमात से कनेक्शन सामने आया है।
महाराष्ट्र कोरोना वायरस के संक्रमण से देश के सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में हैं। ऐसे वक्त में सोशल मीडिया में एक समूह रोजाना उसकी प्रशस्ति गान में जुटा है। लेकिन, इस गैंग के दावे और जमीनी हालात कहीं मेल नहीं खाते।
शकुंतला हलदर अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलीं। उनके पति चंद्र हलदर घर के पिछले हिस्से में आम के पेड़ से लटके हुए थे। हत्या का आरोप सत्ताधारी दल टीएमसी के गुंडों पर लग रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि मृतक दंपती के बेटों को घर में घुसकर धमकी दी गई है।
जब केंद्र सरकार लॉकडाउन को बढ़ाने को लेकर मंथन करने में जुटी है। इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूदा स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाने की सलाह दे चुके हैं। ताजा जानकारी के अनुसार 5 राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और केरल के मुख्यमंत्री भी लॉकडाउन को बढ़ाए जाने के पक्ष में हैं।
जिन जिलों को सील किया जा रहा, वे हैं- वाराणसी, लखनऊ, महराजगंज, बस्ती, बुलंदशहर, नोएडा, गाज़ियाबाद, शामली, कानपुर, सीतापुर, मेरठ, सहारनपुर, आगरा, फ़िरोज़ाबाद और बरेली। आगरा में आज ही कोरोना वायरस से पहली मौत होने की ख़बर है।
आज विपक्षी नेताओं के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि यह मुश्किल प्रतीत हो रहा है कि लॉकडाउन को जल्द ही खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कोरोना वायरस से पहले और उसके बाद का जीवन बिल्कुल भी एक सा नहीं रहेगा। कई सामाजिक, व्यवहारिक, व्यक्तिगत बदलाव होंगे।
भारत में तबलीगी जमात और यूनाइटेड किंगडम में इस्कॉन के आचरण की अगर बात करें तो तबलीगी जमात के विपरीत, इस्कॉन भक्त जानबूझकर संदिग्ध मामलों का पता लगाने से बचने के लिए कहीं भी छिप नहीं रहे, बल्कि सामने आकर सरकार का सहयोग और अपनी जाँच भी करा रहे हैं। उन्होंने तबलीगी जमात की तरह अपने कार्यक्रम में यह भी दावा नहीं किया कि उनके भगवान उन्हें इस महामारी से बचा लेंगे ।
जितेंद्र ने पीएम मोदी द्वारा रविवार की रात 9 बजे 9 मिनट्स के लिए लाइट्स ऑफ करके दिये, मोमबत्ती जलाने के आव्हान का विरोध किया था। आव्हाड ने लोगों से कहा था कि वो पीएम मोदी का बायकाट करें। इंजीनियर ने जितेंद्र के इस बात का विरोध किया, जिसकी उसे 'सज़ा' दी गई।
"PMNRF के विपरीत, पीएम केयर्स में ट्रस्टियों की जिम्मेदारी परिभाषित की गई है। PMNRF में सलाहकार बोर्ड का कोई प्रावधान नहीं है। इसमें ट्रस्ट के सदस्यों के रूप में प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और टाटा ट्रस्ट के प्रतिनिधि और फिक्की का चुना गया उद्योग प्रतिनिधि हैं।"