असलम शेख ने जुलाई 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर मेमन की फॉंसी को उम्रकैद में बदलने की अपील की थी। मेमन 1993 बम ब्लास्ट का दोषी था। दिलचस्प यह है कि उस वक्त जिनलोगों ने मेमन का समर्थन किया था उसे शिवसेना ने देशद्रोही बताया था।
अस्पताल में मासूमों की मौत के बीच राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार का असंवेदनशील चेहरा फिर आया सामने। कहा- PMO के इशारे पर भाजपा कर रही सियासत। बच्चों की मौत से दबाना चाहती है CAA का विरोध।
उद्धव के बेटे आदित्य, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और अमित देशमुख नए मंत्रियों में प्रमुख नाम हैं। पुणे पुलिस ने बताया कि थोपते के नाराज़ समर्थकों ने कॉन्ग्रेस कार्यालय पर हमला बोल दिया और वहाँ मौजूद कुर्सियों व गद्दों को फेंक डाला।
अगर मुस्लिमों को एससी कैटेगरी में आरक्षण X% मिलता है तो इसका अर्थ ये है कि उतनी ही संख्या में दलितों का हिस्सा कट जाएगा। क्या शेहला चाहती हैं कि दलितों को अगर मुस्लिमों के साथ रहना है तो उन्हें अपने हिस्से के आरक्षण की कुर्बानी देनी होगी?
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बुजुर्ग को चारों ओर से घेर रखा था और उसे खरी-खोटी सुना रहे थे। इस दौरान वहाँ उपस्थित कई लोग तमाशबीन बन कर देखते रहे। अंत में महिला ने स्याही भरी बोतल निकाली और बजुर्ग के सिर और गले पर उड़ेल दिया।
कोटा में एक महीने के भीतर 77 बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से एक सप्ताह के भीतर 12 शिशुओं की मौत हुई। पिछले एक साल में 940 से अधिक बच्चों की मौत हुई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मुख्यमंत्री गहलोत से "संवेदनशील" मुद्दे से निपटने का आग्रह किया है।
इन 10 चेहरों को देख लीजिए। इन्होंने 2019 में नकारात्मकता, जातिवाद, डर और तानाशाही का कारोबार किया है। ऑपइंडिया लेकर आया है उन 10 लोगों के नाम, जिन्होंने पूरे 2019 में केवल बुरे कारणों से ही सुर्खियाँ बनाईं। कइयों को जनता ने इस साल करारा सबक सिखाया।
CCTV फुटेज लेने के लिए जामिया नगर के एसएचओ को यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास भेजा गया। जब पुलिस वहाँ पहुँचीं, तब भारी संख्या में जामिया के छात्र जमा हो गए। उन छात्रों ने CCTV फुटेज देने से इनकार कर दिया। लेकिन हैरत की बात यह है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन भी साक्ष्य के तौर पर CCTV रिकॉर्डिंग देने से इनकार कर रहा है।
"तीस साल से राजनीति कर रहा हूँ और अब इस तरह के राजनीतिक माहौल में हमारे लिए कोई जगह नहीं बची है। मैं पार्टी के किसी नेता से नाखुश नहीं हूँ लेकिन ऐसी राजनीतिक परिस्थिति बनी है कि इसके बाद अब मेरे जैसे लोगों के लिए सियासत में कोई जगह नहीं।"