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NRC और CAB एक ही सिक्के के पहलू, बंगाल में लागू नहीं होने दूँगी: ममता बनर्जी

ममता ने सभी दलों से कैब का विरोध करने की अपील करते हुए कहा है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती से ध्यान हटाने के लिए यह लाया गया है। बकौल ममता वे अंतिम दम तक नागरिकता संशोधन विधेयक को कबूल नहीं करेंगी।

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) पर भी अपने विरोध का इजहार किया है। केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा है कि एनआरसी और कैब एक ही सिक्के के पहलू हैं। वे दोनों का पुरजोर विरोध करेंगी। साथ ही कहा कि पश्चिम बंगाल में कैब को भी लागू नहीं होने देंगीं।

ममता बनर्जी के अनुसार NRC और CAB का मुद्दा अर्थव्यवस्था में सुस्ती से ध्यान हटाने को लेकर उठाया गया है। उनका कहना है कि यदि सभी समुदाय के लोगों को नागरिकता दी जाएगी तो ही वे इसे स्वीकार करेंगे। लेकिन अगर धर्म के आधार पर भेदभाव होगा तो वे इसका विरोध करेंगी। ममता बनर्जी ने सभी पार्टियों से इस विधेयक का विरोध करने की अपील करते हुए कहा, “अगर मेरी जान भी चली जाए तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन सीएबी को अंतिम दम तक स्वीकार नहीं करूँगी।”

उल्लेखनीय है कि सीएबी के मसौदे को कुछ संशोधनों के साथ कैबिनेट ने पास कर दिया है। इस विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आकर देश में रह रहे गैर मुस्लिम शरणार्थियों को बगैर वैध दस्तावेजों के भी भारत की नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अलावा इस विधेयक में भारत में निवास की अवधि की अनिवार्यता को भी 11 साल से घटाने का प्रस्ताव है।

साथ ही ममता ने मालदा में महिला को जलाकर मारे जाने की घटना स्वीकार की है। आज लोकसभा में जब केंद्रीय महिला बाल एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने जब मालदा का जिक्र किया तो टीएमसी के सांसद आपत्ति जताते हुए हंगामा करने लगे थे। ममता ने कहा कि मालदा की घटना की पुलिस जॉंच कर रही है। जलाने से पहले महिला के साथ रेप किया गया था या नहीं इस निष्कर्ष पर पहुॅंचने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया। उन्होंने कहा कि मैं महिलाओं के खिलाफ किसी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं करूॅंगी। मैंने आरोपित की तत्काल गिरफ्तारी और 3-10 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश पुलिस को दे रखे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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