सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिव्यु पेटिशन डाली है। इसमें चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में जमानत देने वाले दिल्ली हाई कोर्ट की तीन जजों की बेंच के आदेश को चुनौती दी गई है।
उपचुनाव में जदयू प्रत्याशी को निर्दलीय कर्णजीत सिंह से शिकस्त खानी पड़ी। बावजूद इसके जदयू विधायक श्याम बहादुर ने पार्टी की हार का जश्न कर्णजीत सिंह के साथ मिलकर मनाया।
भाजपा केवल शिवसेना के भरोसे बैठे नहीं रहना चाहती। बताया जा रहा है कि 15 निर्दलीय और कई छोटी पार्टियॉं उसके साथ आने को तैयार हैं। निर्दलीयों में ज्यादातर ऐसे हैं जिन्होंने टिकट नहीं मिलने पर बीजेपी से ही बगावत की थी।
याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रपति को अनुच्छेद 370 से ही एक पब्लिक नोटिफिकेशन के ज़रिए उसे निरस्त करने की शक्ति मिली हुई थी। साथ ही कहा गया है कि यह एक अस्थाई प्रावधान था जिसे जोड़ने का मकसद राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था था।
“चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ को राजनीतिक बयान नहीं देना चाहिए। वे सरकार से इजाजत ले पीओके पर हमला करें और उसे वापस कश्मीर में शामिल करें। मुझे लगता है कि वे जल्द रिटायर होने वाले हैं इसलिए ऐसे बयान दे रहे।”
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि देवगौड़ा केवल एक सरकारी आवास रखने के ही हक़दार हैं। संयुक्त मोर्चा सरकार के दौरान देवगौड़ा जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक पीएम पद पर रहे थे।
"दिल्ली सरकार द्वारा नियुक्त पब्लिक प्रोसिक्यूटर 23 सितम्बर के बाद से पेश नहीं हुए हैं। अजीब स्थिति है। सरकार इस केस में गंभीरता दिखा ही नहीं रही। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार ने सारी जिम्मेदारियों से हाथ धो लिया है।"
यूॅं ही नहीं कहते बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना। 44 सीटें जीत चौथे पायदान पर रही कॉन्ग्रेस भी शिव सेना के साथ मिल सरकार बनाने के ख्वाब बुन रही है। जबकि 54 सीटें जीतने वाली उसकी साझेदार एनसीपी बार-बार कह रही कि हम विपक्ष में बैठेंगे।
महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी ने सावरकर को भारत रत्न देने का वादा किया था। कॉन्ग्रेस ने जमकर इसका विरोध किया। हालॉंकि उसके राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका समर्थन करते हुए कहा था कि सावरकर ने आज़ादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी।
इसी महीने बीएस येद्दियुरप्पा की सरकार ने राज्य में अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर का प्रस्ताव दिया था। साथ ही बंगलुरु के लिए अलग से ATS बनाने की भी घोषणा की थी।