कॉन्ग्रेस के विरोध का जवाब देते हुए संस्कृति मंत्री ने कहा कि इतिहास की बात कर रहे कॉन्ग्रेस सदस्य रिकॉर्ड पलट कर देख लें। कॉन्ग्रेस ने पिछले 40-50 वर्षों में स्मारक के लिए कुछ भी नहीं किया है।
'दीनदयाल अंत्योदय रसोई' योजना के तहत ग़रीबों को केवल 5 रुपए में भोजन मुहैया कराया जाता था। भोपाल में यह योजना अप्रैल 2017 से शुरू की गई थी। भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित राज्य के कई अन्य शहरों में भी यह योजना शुरू की गई थी।
उर्मिला का कहना है कि कोंडविलकर जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को जुटाने में असफल रहे। वहीं, भूषण पाटिल जैसे अन्य प्रमुख पदाधिकारी ब्लॉक स्तर और वार्ड स्तर पर पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक, प्रचारसभा, पदयात्रा आयोजित करने में विफल रहे।
गुजरात में 40 के क़रीब कॉन्ग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। ऐसा उन्होंने जगन्नाथ यात्रा के दौरान हुई पत्थरबाज़ी की घटना को लेकर किया। इस मामले में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष परिमल सिंह राणा की चुप्पी को लेकर पार्टी कार्यकर्ता नाराज़ थे।
"एक जज ने कहा था कि संविधान बनाने वाले यह जानते थे कि बहुमत से चुनी गई सरकार तानाशाह होती है। मैंने सार्वजनिक रूप से उनसे पूछा कि आप इस तरह के बयान कहाँ से लेकर आते हैं? हम सुप्रीम कोर्ट के जजों का सम्मान करते हैं लेकिन वे भी हमारा सम्मान करें।"
कॉन्ग्रेस ने अपने मंत्रियों को राज्य में विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी सौंपी है। हर एक मंत्री को तीन-तीन विधायकों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विधायकों को भाजपा के प्रलोभन से दूर रहने की सलाह दी गई है। कमलनाथ ने विधायकों को सदन में रहने को कहा।
विपक्षी पार्टी बीजेपी के नेता विजेंद्र गुप्ता ने मानहानि मामले में केजरीवाल और सिसोदिया पर मानहानि का केस फाइल किया था। जिस पर कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया है। इसके साथ ही मुआवजे के तौर पर ₹1 करोड़ का दावा भी किया गया है।
महबूबा मुफ़्ती ने अमरनाथ यात्रा के इंतजामों को कश्मीरी जनता के ख़िलाफ़ बताया। उमर अब्दुल्ला ने यात्रियों के लिए हाइवे बंद करने के आरोप लगाए। सांसद मसूदी ने कहा कि इससे राज्य की इकॉनमी पर ख़राब प्रभाव पड़ रहा। सांसद अकबर लोन ने कहा कि व्यापारियों को दिक्कतें आ रही हैं।