राजस्थान के मुख्यमंत्री के मुताबिक अगर किसी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जाना था तो वह सिर्फ अशोक गहलोत था कोई और नहीं। उनके अनुसार उनका मुख्यमंत्री बनना तय था। इसलिए लोगों की भावनाओं का आदर करते हुए राहुल गाँधी ने उन्हें सीएम बनने का अवसर दिया।
गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता चंद्रकान्त कावेलकर के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस से अलग हुए विधायकों के गुट ने विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर से मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे पत्र में इन विधायकों ने कॉन्ग्रेस से नाता तोड़ने की जानकारी दी।
बीएस येदियुरप्पा ने कुमारस्वामी के इस्तीफे की माँग की है। उनके मुताबिक संख्याबल भाजपा के पास है और कुमारस्वामी को सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
इससे पहले मई में वायनाड के कर्ज में डूबे 53 वर्षीय किसान दिनेश कुमार ने जहरीला पदार्थ खाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। दिनेश ने तीन बैंकों से 10 लाख रुपए का कर्ज लिया था और बैंक वसूली के लिए उस पर दबाव बना रहे थे। इससे आजिज आकर उसने आत्महत्या कर ली थी।
जस्टिस केपी देव व जस्टिस अपरेश कुमार की खंडपीठ ने इस याचिका को किसी अन्य पीठ के पास भेजने का निर्देश दिया। लालू यादव पहले से ही चारा घोटाला के अन्य मामलों में दोषी करार दिए जाने के बाद राँची में जेल की हवा खा रहे हैं।
संसद में सीटों का आवंटन लोकसभा संचालन की प्रक्रिया और आचरण के नियम 4 के तहत सदन के अध्यक्ष करते हैं। नियम यह भी कहते हैं कि सीटों के आवंटन में अध्यक्ष अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। हर पंक्ति में पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले पार्टी को सीट आवंटित करने का एक फॉर्मूला है।
हाजी इक़बाल के बारे में कहा जाता है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का क़रीबी है। उसका नाम खनन घोटाले में भी आ चुका है। हाजी इक़बाल को 2010 में बसपा से विधान पार्षद बनाया गया था। उसके भाई महमूद अली को भी विधान पार्षद बनाया गया है। जानिए यूपी के चीनी मिल घोटाले के बारे में।
जनार्दन द्विवेदी ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस संगठन में उन्होंने पूरा जीवन लगाया, उसकी स्थिति देख कर पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि हार के कारण पार्टी के भीतर हैं, न कि बाहर। उन्होंने कहा है कि पार्टी में कई ऐसी बातें हुईं, जिससे वो सहमत नहीं थे और उन्होंने इससे पार्टी नेतृत्व को अवगत कराया था।
नारेबाजी के दौरान राहुल गाँधी की माताजी सोनिया गाँधी भी सदन में मौजूद थीं। राहुल गाँधी को भी अपने स्थान पर बैठकर 'वी वांट जस्टिस' कहते सुना गया। उनके साथ ही सदन में कॉन्ग्रेस सदस्य 'वी वांट जस्टिस', 'लोकतंत्र की हत्या बंद करो', 'शिकार की राजनीति बंद करो' के नारे लगा रहे थे।