कॉन्ग्रेस ने देश में गरीबों की स्थिति सुधारने के लिए कोई तरीके नहीं सुझाए हैं, बल्कि उनका जो कहना है उससे लग रहा है वो समृद्ध लोगों को गरीब करने का प्लान कर रही है।
राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा पर कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी फैलाए जा रहे झूठ की पोल खुल गई। कहा जा रहा था कि इसमें राष्ट्रपति को नहीं बुलाया गया लेकिन हकीकत में ये दावा झूठा है।
श्रीराम की प्रशंसा परशुराम जी ने 'जय महेस मन मानस हंसा' कह कर की है, लेकिन मल्लिकार्जुन खड़गे राम और शिव को लड़ाना चाहते हैं। हिन्दुओं को बाँटने की ये कौन सी नई चाल है? शिव तो राम को पुष्कराक्ष, महाबाहो, महावक्षः और परन्तप कहते हैं, दोनों में कैसा भेद, कैसी लड़ाई?