मानवाधिकार संगठनों के विरोध को अनदेखा करते हुए बांग्लादेश ने रोहिंग्या मुस्लिमों को निर्जन द्वीप पर भेजना शुरू कर दिया है। कुल 1 लाख रोहिंग्या यहाँ भेजे जाएँगे।
कनाडा के उच्चायुक्त को तलब कर भारत ने जस्टिन ट्रूडो और वहाँ के अन्य नेताओं की टिप्पणी को देश के आंतरिक मामलों में "अस्वीकार्य हस्तक्षेप" के समान बताया है।
रिपोर्ट से आतंकियों को कश्मीर जाने के लिए 2000 डॉलर की राशि देने की बात भी सामने आई है। आतंकियों को कहा जा रहा है कि कश्मीर भी उतना ही पहाड़ी है जितना आर्मीनिया का नार्गोनो काराबाख है।