Wednesday, July 28, 2021
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'इस्लाम का शेर': फ्रांसीसी शिक्षक का सिर कलम करने वाले का 'हीरो' की तरह...

‘इस्लाम का शेर’: फ्रांसीसी शिक्षक का सिर कलम करने वाले का ‘हीरो’ की तरह निकला जनाजा, गाँव की सड़क भी हत्यारे के नाम पर

अब्दुल्लाख अँजोरोव मात्र 18 साल का था और उसने फ्रेंच शिक्षक का सिर कलम कर दिया। बाद में पुलिस मुठभेड़ में उसी दिन अक्टूबर 16, 2020 को उसे भी मार गिराया गया था। 5 दिसंबर को उसकी लाश को उसके गृह क्षेत्र 'रिपब्लिक ऑफ रूस' के चेचन्या में लाया गया।

आपको फ्रांस के शिक्षक सैमुअल पैटी याद होंगे, जिन्हें एक इस्लामी कट्टरवादी अब्दुल्लाख ने सिर्फ इसीलिए मार डाला था, क्योंकि उन्होंने अपनी कक्षा में पैगम्बर मुहम्मद के कार्टून्स दिखाए थे। अब उसे उसके गृह क्षेत्र चेचन्या में दफ़न किया गया है, जहाँ उसे पूरा हीरो वाला सम्मान दिया गया। सैकड़ों लोगों ने उसके जनाजे में भाग लिया और मुस्लिम भीड़ ने ‘इस्लाम का शेर’ के नारे लगाए। उसके सम्मान में गाने गाए गए।

उसे दफनाए जाने का पूरा वीडियो भी वायरल हो गया है, जिसमें सैकड़ों लोगों को हिस्सा लेते हुए देखा जा सकता है। अब्दुल्लाख अँजोरोव मात्र 18 साल का था और उसने फ्रेंच शिक्षक का सिर कलम कर दिया। बाद में पुलिस मुठभेड़ में उसी दिन अक्टूबर 16, 2020 को उसे भी मार गिराया गया था। शनिवार (दिसंबर 5, 2020) को उसकी लाश को उसके गृह क्षेत्र ‘रिपब्लिक ऑफ रूस’ के चेचन्या में लाया गया।

उसके गाँव शालाजी में ग्रामीणों ने उसके सम्मान में कार्यक्रम किए और अपने गाँव के इस्लामी रीति-रिवाजों के साथ दफ़न किया। भारी बर्फबारी के बावजूद 200 लोगों ने उसके अंतिम-संस्कार में हिस्सा लिया। पूरे गाँव में उसके शव को घुमाया गया, जो ‘Urus-Martanovsky’ नमक जिले में स्थित है। 5330 लोगों की जनसंख्या वाले इस गाँव के बाहर के लोग कहीं आकर शामिल न हो जाएँ, इसके लिए 65 पुलिस अधिकारियों को लगाया गया था।

गाँव की सीमाओं को सील कर दिया गया था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में तो यहाँ तक कहा जा रहा है कि गाँव के लोगों ने एक सड़क का नामकरण भी अब्दुल्लाख के नाम पर किया है। वहाँ के लोगों ने कहा, “इस्लाम का शेर अपने जन्मस्थान पर आ गया है। वो अपनी मिट्टी में वापस चला गया है। केवल अल्लाह के पास ही सत्ता और शक्ति है, और किसी के पास भी नहीं।” वहाँ के कट्टरपंथी नेता भी उसके समर्थन में दिखे।

चेचन्या के एक कट्टरवादी नेता रमजान कादीरोव ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों लोगों को आतंकवाद का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के पास कोई विकल्प भी नहीं बचा है, क्योंकि फ्रांस की सरकार ‘शार्ली हेब्दो’ में बने पैगम्बर मुहम्मद के कार्टून्स को जायज ठहरा रहे हैं। हालाँकि, रूस ने कट्टरपंथी नेता को फटकार लगाई और विदेशी मामलों पर बयानबाजी न करने को कहा।

इस्लामी कट्टरपंथ से निपटने के लिए अपनी नई योजना को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों लगातार मुस्लिम देशों के निशाने पर हैं। मैक्रों ने देश के मुस्लिम नेताओं से ‘चार्टर ऑफ रिपब्लिकन वैल्यूज’ पर सहमति देने के लिए कहा है। इसको लेकर विवाद चल रहा है। चार्टर के मुताबिक, इस्लाम एक मजहब है और इससे किसी भी तरह के राजनीतिक आंदोलन को जोड़ा नहीं जा सकता है। चार्टर के तहत, फ्रांस के मुस्लिम संगठनों में किसी भी तरह के विदेशी हस्तक्षेप को प्रतिबंधित किया जाएगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बद्रीनाथ नहीं, वो बदरुद्दीन शाह हैं…मुस्लिमों का तीर्थ स्थल’: देवबंदी मौलाना पर उत्तराखंड में FIR, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

मौलाना के खिलाफ़ आईपीसी की धारा 153ए, 505, और आईटी एक्ट की धारा 66F के तहत केस किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके बयान से हिंदू भावनाएँ आहत हुईं।

बसवराज बोम्मई होंगे कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री: पिता भी थे CM, राजीव गाँधी के जमाने में गवर्नर ने छीन ली थी कुर्सी

बसवराज बोम्मई के पिता एस आर बोम्मई भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि बसवराज ने भाजपा 2008 में ज्वाइन की थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,576FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe