इसके पहले रविवार (20 अक्टूबर, 2019) को भारतीय सेना ने LOC के उस पार तंगधार और मेंढर सेक्टरों के आमने सामने स्थित 4 आतंकी लॉन्च पैडों को नेस्तनाबूद कर दिया था।
"यह गंभीर चेतावनी है इस मुल्क को और ये जंग खौफनाक हो सकती है। ये कन्वेंशनल युद्ध नहीं होगा। जो अक्ल के अंधे ये समझ रहे हैं कि 4-6 दिन टैंक, तोपें चलेंगी या हवाई जहाज, एयर अटैक होंगे या नेवी के गोले चलेंगे... नो वे!"
भारतीय ऑइल इंडस्ट्री के इस फ़ैसले के बाद मलेशिया के बाजार पर ख़ासा नुकसान पड़ा है और अब वहाँ की सरकार डैमेज कण्ट्रोल में जुट गई है। कई भारतीय कम्पनियाँ पाम ऑइल के लिए मलेशिया की जगह अब इंडोनेशिया का रुख कर रही हैं।
पाकिस्तान को अंदाज़ा नहीं था कि भारत इस फायरिंग का ऐसा जवाब देगा कि पाकिस्तानी फ़ौज फिर से ऐसी हिमाकत करने से पहले कई बार सोचेगी। पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा है कि भारत दक्षिण एशिया को एक खतरनाक युद्ध की ओर ढकेल रहा है।
"प्रत्येक राजनीतिक दल और व्यापारी, शिक्षक, डॉक्टर तथा मजदूर सहित सभी तबकों के लोग, सरकार की नीतियों से नाखुश हैं। इससे मुझे लगता है कि इमरान खान अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएँगे।"
पुलिस अधीक्षक सरकार एमडी कैसर ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। इनमें मदरसा छात्र महबूब (14 वर्षीय), कॉलेज छात्र शाहीन (23 वर्षीय), महफूज़ (45 वर्षीय) और मिज़ान (40 वर्षीय) शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया है कि जो लोग मारे गए थे, वे उन्हीं के आदमी थे।
कॉक्स बाज़ार में स्थित शरणार्थी शिविरों में भारी भीड़ का हवाला दे बांग्लादेश करीब 1,00,000 शरणार्थियों को यहॉं से भेजना चाहता है। फ़िलहाल, शरणार्थी शिविरों में म्यामांर से आए 10 लाख से अधिक लोग रह रहे हैं।
पिछले साल अकेले सिंध प्रांत में ऐसे तकरीबन 1000 मामले सामने आए थे। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने बहुत कम कोशिशें की हैं।