मीडिया

कॉन्ग्रेसी मुखपत्र को खटका ‘अयोध्या में रामलला विराजमान’, फैसले को पाकिस्तानी कोर्ट के आदेश जैसा बताया

लेख में कहा गया है कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दूरगामी असर होगा। समय के साथ यह देखने को मिलेगा। लेखक ने 'उम्मीद' जताई है कि भारत के लिए यह उतना घातक नहीं हो, जिस तरह वह फैसला पाकिस्तान के लिए साबित हुआ।

‘HINDU STHAN’ के नाम से किसने छापी फ्रंट पेज खबर, किसने सिर्फ ‘श्रीराम’ को दी जगह: अखबारों में आज

Stan (अगर H को साइलेंट कर दें तो, जो कि टेलिग्राफ के संपादक की मंशा भी थी, तभी उसने इसे ब्रेक करके हेडलाइन बनाई) का अर्थ शैतान होता है। खैर... शायद इन्हें नहीं पता लेकिन ये हेडलाइन बनाते-बनाते खुद हेडलाइन बन जाएँगे, JNU से गायब होते वामपंथियों की तरह।

‘हिन्दू फासिस्ट’ से लिबरल-दुलारी हुई शिव सेना, उद्धव बने आँख के तारे: ‘मीडिया गिरोह’ ने जमकर उड़ेला प्यार

सागरिका घोष की ख़ुशी ट्विटर पर बल्लियों उछल कर बाहर आ रही थी। वे शायद वह समय भूल गईं जब उनके लिबरल गैंग ने इन्हीं उद्धव ठाकरे के पिता को हत्यारा, फासिस्ट और न जाने क्या-क्या कहा था। अभिसार शर्मा की तो ख़ुशी इतनी ज़्यादा थी शायद कि विह्वल होकर उनके मुखण्डल से शब्द ही नहीं फूटे। सो......

आतंकियों की भाषा बोल रहा है TIME में लिखने वाला आतिश, हिन्दुओं के लिए खुल कर उगल रहा है ज़हर

"जब तुम अपने लोकतंत्र को अजायबघर (म्यूजियम) में तब्दील कर फुरसत पा लो तो दुनिया के और भी पुराने पार्लियामेंट हाउस को, जैसे वेस्टमिंस्टर को गौमूत्र का अध्य्यन करने वाला संस्थान बनाने या फिर यूएस कैपिटोल को वैदिक काल में उड्डयन संबंधी संग्रहालय बनाने में अपनी सेवा देने के लिए तैयार रहो।"

ऑटो सेक्टर में मंदी है और नहीं भी: ‘The Hindu’ ने 1 दिन में 2 विरोधाभासी ख़बरें चला कर पाठकों को बनाया पागल

'द हिन्दू' लिखता है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में खुशियाँ आ गई हैं। उसी दिन उसका भाई 'बिजनेस लाइन' लिखता है कि खुशियाँ नहीं आईं हैं। ये दोनों 'घोड़ा-चतुर' खेल कर पाठकों को पागल बना रहे हैं। एक ही ख़बर को दो तरीके से पेश किया जा रहा है। मंदी है भी, नहीं भी। सब ठीक भी है, नहीं भी......

मुस्लिमों को गिरोह बना लेना चाहिए, कमलेश की हत्या है ‘अब भी रहस्य’: The Wire का जहरीला वीडियो

"क्या मुसलमान, मुसलमान की तरह बोल सकता है?" - वायर के इस वीडियो में कमलेश तिवारी की हत्या को मुसलमानों के लिए 'परेशानी का सबब' बताया जाता है। क्यों? क्योंकि इस्लाम में पैगंबर माने जाने वाले मोहम्मद के खिलाफ...

‘निष्पक्ष’ पत्रकार रवीश कुमार को एक और अवॉर्ड, इस बार अपनी कॉन्ग्रेसी सरकार द्वारा

छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेसी सरकार की ओर से पत्रकारिता क्षेत्र के लिए पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान दिया जाना है, जो एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर रवीश कुमार को दिया जाना तय किया गया है।

‘प्रोफेट’ बजिंदर पर है बलात्कार का आरोप, फिर भी DD पंजाबी क्यों बढ़ावा दे रहा उसके धर्मांतरण कार्यक्रम को?

एक मूर्खतापूर्ण वीडियो में बजिंदर ने एक मृत बच्चे को जिंदा कर दिया। लोगों को मूर्ख बनाने वाले ऐसे बहुत से वीडियो सोशल मीडिया और इन्टरनेट पर ईसाई धर्मान्तरण के उद्देश्य से डाले ही जाते हैं। इन वीडियो के ज़रिए अधिकांशतः वह लोग फंस जाते हैं जो...

The Quint की झूठी पत्रकारिता से त्रस्त हुआ मुंबई का वो हिन्दू, जिसकी दिवाली मुस्लिमों ने की बर्बाद

मेरे खुद के मुस्लिम और 'सेक्युलर' थियेटर वाले दोस्त सोशल मीडिया पर वे आर्टिकल भेज रहे हैं, जिनमें मुझे झूठा बताया गया है। वे मुझसे पूछ रहे हैं कि मैंने झूठ क्यों बोला। और यह सब इसलिए हुआ क्योंकि क्विंट ने मेरी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया।

‘बगदादी को अमेरिका ने नहीं मारा, मुस्लिमों ने उसे नकारा और उसकी विचारधारा को मारा’

"बगदादी मरा क्योंकि पूरे विश्व के मुस्लिमों ने उसे खारिज कर दिया था और उसकी जहरीली मानसिकता के ख़िलाफ़ लड़ाई की थी। उसने अपनी राजनीति साधने के लिए इस्लाम पर कब्जा कर लिया था, वो 21वीं सदी में इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन था।"

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें