शायद राजदीप सरदेसाई पीड़िताओं के परिजनों से भी ज्यादा जानते हैं और जजों को पीड़िता के परिजनों को सुनने से पहले हर मामले में उनकी ही राय पहले जाननी चाहिए।
ये जॉब दिल्ली में साउथ एशिया बिजनेस संवाददाता के लिए है। इसमें हायरिंग की शर्तें देख कर ऐसा लगता है जैसे बिना हिंदू विरोधी हुए या फिर एंटी मोदी हुए वहाँ जॉब पाना बेहद मुश्किल है।