कोरोना का ठीकरा मोदी सरकार पर फोड़ने पर अमादा शेखर गुप्ता के 'द प्रिंट' ने नया कारनामा किया है। प्रोपेगेंडा के लिए उसने खुद को ही झूठा साबित कर दिया है।
कोरोना महामारी की शुरुआत में भले ही भारत सरकार ने पूरे देश में एक साथ हर राज्य में लॉकडाउन लगाया, मगर कुछ ही समय में सरकार ने हर राज्य को अपने हिसाब से फैसले लेने का अधिकार भी दे दिया।
रेमेडिसविर पर 'ज्ञान' बघार फजीहत कराने वाली ज्योति मल्होत्रा मिलियन के फेर में भी पड़ चुकी हैं। उनके इस 'ज्ञान' के बचाव में द प्रिंट हास्यास्पद सफाई भी दे चुका है।