एक्सल की भूमिका बारामुला ऑपरेशन के दौरान अहम थी। सेना ने उन्हें ही आतंकियों का ठिकाना पता लगाने के लिए बिल्डिंग में भेजा था, जहाँ कुछ आतंकियों ने उनपर गोली चला दी।
1999 के और आज के समय में बहुत फ़र्क है। भविष्य के युद्धों में सैनिकों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण उनकी दक्षता, अत्याधुनिक हथियार और उपकरण, सूचना-तकनीक ढाँचा आदि होंगे। इसलिए भारतीय सेना को नई जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाना आवश्यक है।