खबरों के मुताबिक जब आतंकवादियों ने नगीना पर गोली चलाई, उस समय आतंकी उसके घर में घुसने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने आतंकियों को ढूँढने के लिए तलाशी अभियान चालू कर दिया है।
पैलेट गन कश्मीर की जनता के भले के लिए है। यह उनके भले के लिए भी है, जो अपनी ही रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को चोट पहुँचाते हैं, वरना इसकी जगह अगर अन्य हथियारों का प्रयोग किया जाए तो CRPF ने जो कोर्ट में कहा - लोगों के मरने की संभावनाएँ बढ़ जाएँगी - वो सत्य हो जाएगा।
मंत्रालय ने दावा किया है कि घाटी में इस साल 102 आतंकवादी मारे गए हैं। जबकि 286 आतंकी अभी भी सक्रिय हैं। गौरतलब है कि पदभार संभालने के बाद अमित शाह ने तुरंत जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक से मुलाकात की। इस मुलाकात में शाह ने राज्य में सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी।
दरअसल, यह मामला 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के सरगना और जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश राकेश स्याल की अदालत में बंद कमरे में चल रही सुनवाई के दौरान तीनों को गिरफ्तार किया और 15 दिनों तक उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की माँग की।
सेना के साथ-साथ सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण का कार्य रक्षा मंत्री की प्राथमिकता होनी चाहिए। क्योंकि भाजपा को जो स्पष्ट जनादेश मिला है, वो राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे पर मिला है।
एनआईए ने कोर्ट के सामने कहा था कि कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी के मामलों में तीनों से पूछताछ जरूरी है। इसके बाद कोर्ट ने पत्थरबाजी के मामले में तीनों की गिरफ्तारी की इजाजत दे दी।
3 जून 2019 को दोपहर को गायब हुए वायुसेना के मालवाहक विमान एंटोनोव-32 (AN-32) का मलबा नज़र आया है। मलबा अरुणाचल प्रदेश के पायम इलाके के पास देखा गया है। लेकिन विमान में सवार चालक दल के 8 लोग और 5 सवार यात्री अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
भारतीय वायु सेना का मालवाहक विमान एंटोनोव (एएन)-32 लापता हो गया है। तीन घंटे से इसका कोई पता नहीं चल रहा है। यह विमान असम के जोरहाट सैन्य हवाई अड्डे से अरुणाचल प्रदेश के चीनी सीमा के पास स्थित मेचुका घाटी के एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए निकला था। विमान में चालक दल के...
अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में उनके अच्छे काम के लिए मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है। उनकी नियुक्ति पाँच साल के लिए हुई है। NSA अजीत डोभाल की गिनती देश के सबसे ताकतवार नौकरशाहों में होती है।