इन सभी पर पासपोर्ट एक्ट या फॉरेनर्स एक्ट या फिर इन दोनों के उल्लंघन का आरोप साबित हुआ था। आरोपी सिलचर जेल में बंदी था। एनडीटीवी से हुई शर्मा की बातचीत के अनुसार इनमें से अधिकाँश लोग अपने रिश्तेदारों से भेंट करने या नौकरी ढूँढ़ने आए थे।
केंद्र ने हलफनामे में कहा है कि पुनर्विचार याचिकाओं पर आगे की सुनवाई का कोई आधार नहीं हैं। ऐसे में सभी याचिकाएँ खारिज की जानी चाहिए। सरकार ने कहा है कि सुरक्षा संबंधी गोपनीय दस्तावेजों के इस तरह सार्वजनिक खुलासे से देश के अस्तित्व और संप्रभुता पर खतरा है।
26 दिसंबर 2018 को NIA ने अमरोहा में छापा मारकर आतंकी संगठन हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम के कथित सरगना मुफ्ती सुहैल के साथ दो सहे भाईयों सईद व रईस तथा मुहल्ला पचदरा के निवासी और आटो चालक इरशाद को भी गिरफ्तार किया था।
मुइया उस हमले का भी मास्टरमाइंड था जिसमें भाजपा विधायक मांडवी और उनके साथ पाँच पुलिस अधिकारियों का जीवन समाप्त हो गया था। विधायक के वाहन में उस समय IED विस्फोट हुआ था, जब वो दंतेवाड़ा ज़िले से गुजर रहे थे।
मौलाना मसूद अज़हर कोई एक अकेला आतंकवादी नहीं है। जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन पूरी तरह से उसके परिवारवालों और परिजनों द्वारा संचालित है। इंडियन एयरलाइन्स के विमान IC-814 की हाईजैकिंग का मास्टरमाइंड मसूद का भाई इब्राहिम अज़हर था।
आतंकी संगठन ने पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के कुछ इलाकों में पोस्टर भी बाँटे हैं। साथ ही अपने समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश की है। बाँटे गए पोस्टर्स पर लिखा है, "जल्द आ रहे हैं, इंशाअल्लाह।"
माओवादी कहीं ना कहीं अब ये बात जान और समझ गए हैं कि 'जल-जंगल-जमीन' का उनका नारा अब प्रासंगिक नहीं रहा है। इनके पोषक ये बात अच्छे से जानते है कि यदि अब यह 3 मुद्दे ही प्रासंगिक नहीं रहे, तो अब माओवंशी किस तरह से अपना अभियान आगे बढ़ाएँ? लोगों के बीच डर पैदा कर के ही ये आतंकवादी संगठन अब प्रासंगिक बने रहना चाहते हैं।