Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षालापता AN-32 विमान का मलबा दिखा, कुल 13 लोगों की तलाश जारी

लापता AN-32 विमान का मलबा दिखा, कुल 13 लोगों की तलाश जारी

भारतीय वायु सेना का यह विमान असम के जोरहाट सैन्य हवाई अड्डे से अरुणाचल प्रदेश के चीनी सीमा के पास स्थित मेचुका घाटी के एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए निकला था। वायुसेना ने...

3 जून 2019 को दोपहर को गायब हुए वायुसेना के मालवाहक विमान एंटोनोव-32 (AN-32) का मलबा नज़र आया है। लेकिन विमान में सवार चालक दल के 8 लोग और 5 सवार यात्री अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। मलबा अरुणाचल प्रदेश के पायम इलाके के पास देखा गया है। आखिरी बार दोपहर एक बजे विमान के साथ संपर्क हुआ था।

असम से अरुणाचल तक की थी यात्रा

भारतीय वायु सेना का यह विमान असम के जोरहाट सैन्य हवाई अड्डे से अरुणाचल प्रदेश के चीनी सीमा के पास स्थित मेचुका घाटी के एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए निकला था। वायुसेना ने इस विमान की खोज में अपने सी-130 स्पेशल ऑपरेशन्स विमान और सुखोई-30 लड़ाकू विमानों समेत सभी उपलब्ध संसाधनों को लगा दिया था। अब खबर मिली है कि गुमशुदा विमान का मलबा देख लिया गया है

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राकेश सिंह भदौरिया से घटना की जानकारी लेने के बाद ट्वीट किया:

पहले भी लापता हो चुके हैं विमान

सैन्य विमान लापता होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 2016 में भी एक एएन-32 मॉडल का ही विमान 29 यात्रियों समेत गायब हो गया था। उस समय भी वायुसेना ने खोज में बहुत जद्दोजहद की थी मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी थी। अंततः विमान को दुर्घटनाग्रस्त, और उसमें सवार सभी 29 लोगों को मृत मान लिया गया था। चेन्नै के तंबरम एयरबेस से अंदमान निकोबार द्वीप समूह के लिए चला विमान बंगाल की खाड़ी में लापता हो गया था।

(यह डेवलपिंग स्टोरी है। अधिक जानकारी मिलने पर इसे अपडेट किया जाएगा।)

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -