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NSA अजीत डोभाल को मिलेगा कैबिनेट मंत्री का दर्जा, बने रहेंगे NSA

पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक अजीत डोभाल की निगरानी में ही हुई थी। उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी जानकारी दी थी। वह पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भी सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे।

देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor ) अजीत डोभाल को केंद्र सरकार से बड़ा तोहफा मिला है। सरकार ने अजीत डोभाल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी बने रहेंगे।

अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में उनके अच्छे काम के लिए मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है। उनकी नियुक्ति पाँच साल के लिए हुई है। NSA अजीत डोभाल की गिनती देश के सबसे ताकतवार नौकरशाहों में होती है।

मई 30, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजीत डोभाल को देश के 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया था। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें NSA के अलावा रणनीतिक नीति समूह (स्ट्रैटिजिक पॉलिसी ग्रुप, SPG) का सचिव भी बनाया गया था। पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक अजीत डोभाल की निगरानी में ही हुई थी। उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी जानकारी दी थी। वह पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भी सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे।

सितंबर 2016 में पीओके में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक में भी अजीत डोभाल की बड़ी भूमिका रही थी। उन्होंने इस मिशन से पहले सेना के तीनों चीफ और खुफिया एजेंसियों के हेड के साथ आखिरी मीटिंग ली थी। मीटिंग में तय हुआ था कि मिशन के तहत एलओसी के उस पार आठ आतंकी कैंपों पर हमला किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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