इस दूसरे कार्यकाल में इन आतंकियों को हीरो बनाने से रोकना एक प्राथमिकता होनी चाहिए। जिसने निर्दोषों को क़त्ल के लिए बंदूक उठा ली, वो मानव नहीं है। जो मानव नहीं है, उसके न तो अधिकार हैं, न परिवार।
पढ़ाई पूरी करने के पहले ही आतंकी समूहों के संपर्क में आने के बाद आदिल MBA खत्म कर जॉर्डन से होता हुआ 2013 में तुर्की जा पहुँचा। वहाँ NGO में काम करने के बहाने पहुँचने के बाद उसने एक डच (हॉलैंड निवासी) महिला से निकाह भी कर लिया, और उसे भी जिहाद में शामिल कर लिया।
इससे पहले तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने भी सियाचिन का दौरा किया था। उन्होंने वहाँ तैनात जवानों संग दशहरा का पर्व मनाया था। उनसे पहले जुलाई 2018 में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने सियाचिन का दौरा किया था।
पिछले साल घाटी में आतंकरोधी अभियानों की शुरुआत न होने के कारण, रमज़ान महीने के दौरान केवल 11 आतंकवादी मारे गए थे और वह भी कुपवाड़ा और हंदवाड़ा ज़िलों में।
वाइस एडमिरल सिंह की नियुक्ति से पहले भी केंद्र सरकार ने ऐसे ठोस क़दम उठाए हैं, जिनसे यह साफ झलकता है कि महत्वपूर्ण पदों पर सिर्फ वरिष्ठता को आधार न मानते हुए प्रतिभा को प्राथमिकता दिया जाना चाहिए।
डोडा से मजदूरों को हिमाचल प्रदेश ले जाने वाला मुश्ताक पेशे से ठेकेदार है। शिमला में उसका संपर्क नदीम से हुआ था और उसने उसे हिजबुल के लिए काम करने के लिए तैयार किया। इतना ही नहीं, मुश्ताक कई अन्य युवकों को भी हिजबुल के लिए काम करने के लिए तैयार कर रहा था।
एयर चीफ़ मार्शल बीएस धनोआ कहते हैं कि अगर इस स्ट्राइक को उन्हें प्रोपेगेंडा की तरह इस्तेमाल करना होता तो वे अधिक क्षमता वाले हथियारों का प्रयोग करते ताकि ज्यादा बड़े भूभाग को नष्ट किया जा सके लेकिन वो अतिरिक्त क्षति नहीं पहुँचाना चाहते थे।
सरायकेला में मंगलवार की सुबह 4:53 पर नक्सलियों द्वारा आईडी ब्लास्ट किया गया। इस धमाके में 15 जवान घायल हुए हैं। इनमें सीआरपीएफ की 209 कोबरा यूनिट के जवान और झारखंड पुलिस के जवान शामिल हैं। जब यह धमाके किया गया, उस समय ये जवान किसी स्पेशल ऑपरेशन के लिए जा रहे थे।