तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने कोयंबटूर सीरियल ब्लास्ट 1998 के मुख्य आरोपित एसए बाशा समेत तीन आरोपितों को जेल से रिहा कर दिया है। इन्हें उम्रकैद की सजा मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने इनकी रिहाई पर रोक लगाई थी।
उत्तराखंड में कोचिंग जा रही दो बहनों पर फरदीन और रऊफ नाम के युवकों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इसमें 17 साल की नाबालिग लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई। फरदीन पहले भी पीड़ित के साथ छेड़छाड़ कर चुके है और जेल की हवा भी खा चुका है। वो जमानत पर छूटकर बाहर आया था।