स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, "अगर प्राण प्रतिष्ठा करने से पत्थर सजीव हो जाता है तो इससे मुर्दा क्यों नहीं चल सकता है? यहाँ पर पाखंड है, ढोंग है, आडंबर है।"
स्वामी गोविन्द गिरी ने बताया था कि उस समय उन्हें आश्चर्य हुआ, जब प्राण प्रतिष्ठा के लिए जरूरी नियम एवं व्रत के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे जानकारी माँगी।