राहुल गाँधी जिन्हें दिल्ली में 'मोदी का यार' बताते हैं, कॉन्ग्रेस की सरकारें अपने प्रदेश में उनकी ही एजेंट बनी हुई हैं। यही हसदेव अरण्य का दुर्भाग्य है।
निसार ने घरवापसी करते हुए कहा, "मुझे हिंदुओं की तरह रहना अच्छा लगता था। इसलिए मैं तिलक लगाता था। मेरी आस्था जिस धर्म में है, मैं उसे भारत में अपना सकता हूँ।"