आज सदन में कोरोना वायरस पर चर्चा के दौरान हनुमान बेनीवाल ने कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण को सोनिया गाँधी के 'इटली कनेक्शन' से जोड़ते हुए कहा- इस बात की जाँच होनी चाहिए कि क्या सोनिया गाँधी के घर से कोरोना वायरस फैला है?
2018 में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत कोष बनाया गया। लेकिन, इसका पैसा एक स्थानीय वामपंथी नेता के खाते में भेज दिया गया। उसने इसका इस्तेमाल एक पॉल्ट्री फॉर्म खरीदने के लिए। भेद खुला तो फरार हो गया।
कमलनाथ सरकार का संकट गहराता ही जा रहा है। कॉन्ग्रेस ने जिन विधायकों को छुड़ाकर लाने का दावा किया है वे ही बंधक बनाए जाने की खबरों को नकार रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं कि यह कॉन्ग्रेस की अंदरूनी लड़ाई है।
गुनहगारों के वकील एपी सिंह ने फाँसी दिए जाने और ना दिए जाने पर रोष जताते हुए कहा कि आज चौथा डेथ वॉरंट जारी हुआ है, 2013 में चारों दोषियों को फाँसी दी गई, फिर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने फाँसी दी और इसके बाद पुनर्विचार याचिका में चारों गुनहगारों को फाँसी दी गई।
24 फरवरी की उस काली रात को याद कर बबीता की आवाज थम जाती है। बुजुर्ग नरेश चंद्र फूट-फूटकर रोने लगते हैं। सुधा उस वक्त को याद कर अब भी सिहरने लगती है। दंगाइयों से इन्होंने जान भले बचा ली, पर उनके दिए जख्म शायद ही भरे।
यूके में कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग क्रिएटिव तरीके अपनाते नजर आ रहे हैं। कोरोना से बचने के लिए अपने मुँह को ढक कर रखें, बीमार लोगों के संपर्क या फिर भीड़ के संपर्क में आने से बचे, तो इन्हीं सब को ध्यान में रखते हुए लोग अपने चेहरे पर प्लास्टिक का डिब्बा डालकर घूम रहे हैं।
निलंबित होने वालों में गौरव गोगोई, टीएन प्रतापन, डीन कुरीयकोसे, आर यूनिथन, माणिक टैगोर, बेनी बहनन और गुरजीत औजला हैं। कॉन्ग्रेस के इन सातों सांसदों को लोकसभा की मर्यादा तोड़ने के लिए निलंबित कर दिया गया है।
आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। कुछ ही देर पहले ताहिर ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था। ताहिर हुसैन पर आइबी कांस्टेबल अंकित शर्मा की हत्या में शामिल होने के साथ-साथ, हिंसा भड़काने, साजिश रचने समेत कई अन्य मामले दर्ज किए गए हैं।
वीडियो में स्पष्ट देख सकते हैं कि डीसीपी अमित शर्मा भीड़ के बीच फँसे हुए हैं, जिसके बाद कई पुलिसकर्मी वहाँ पहुँचते हैं और वो डीसीपी अमित शर्मा को पत्थरबाजों और भीड़ के चंगुल से बचाते हैं। चाँद बाग हिंसा में एसीपी अनुज भी घायल हुए थे।
महबूब पाशा ने हथियार खरीदे। शरीफ ने अपने घर में इन्हें इकट्ठा किया। मोइदीन और उसके साथी बीते साल ट्रेनिंग के लिए देश से बाहर गए। फिर हिंसक जिहाद छेड़ने के लिए लौट आए। इससे पहले कि वे अपने मॅंसूबे में कामयाब होते दबोच लिए गए।