"मुझे लगता है कि उद्धव ठाकरे ने सही रुख अपनाया है। शिवसेना के साथ हमारा गठबंधन विचारों पर आधारित था। उन्हें कॉन्ग्रेस और एनसीपी के दबाव की चिंता नहीं करनी चाहिए। यदि वे सरकार से निकल जाते हैं तो इस मुद्दे पर हम सरकार का साथ देंगे।"
शाहरुख ने जिस पिस्टल से जाफराबाद में फायरिंग की थी वह मुंगेर से मँगाई थी। उसका ननिहाल बरेली में है। वहॉं के ड्रग तस्करों से उसके अब्बा और उसकी अम्मी इन्नो के अच्छे ताल्लुकात हैं। इसी वजह से वह छिपने के लिए बरेली चला गया था।
ताहिर 15 से ज्यादा लोगों के साथ अपने घर में घुसते दिख रहा है। इन सबके हाथ में पिस्टल है। उसके पीछे सैकड़ों दंगाइयों के चलने का फुटेज भी सामने आया है। इन दंगाइयों के हाथ लाठी-डंडे और तबाही के अन्य सामान हैं।
क्लीनिक की आड़ में दो साल से सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था। क्लीनिक भी बगैर रजिस्ट्रेशन के ही चल रहा था। महिला डॉक्टर गुप्त रोग और बवासीर का इलाज करने के नाम पर क्लीनिक चला रही थी।
हर्ष मंदर का एक विडियो वायरल हुआ है। इसमें वह सीएए विरोधियों को उकसा रहा है। उनसे कह रहा है कि फैसला न संसद में होगा, न सुप्रीम कोर्ट में होगा, बल्कि फैसला सड़कों पर होगा।
"रवीश कुमार बेशर्मी का सबसे बड़ा उदाहरण हैं। उन्होंने मोहम्मद शाहरुख़ को अनुराग मिश्रा बताया और कहा कि वो कपिल मिश्रा का कोई सम्बन्धी हो सकता है। मोहम्मद शाहरुख़ ने उन दंगों में 8 राउंड फायरिंग की थी। फोटोशॉप कर के मेरे साथ उसकी तस्वीर वायरल की गई, जो झूठ निकली।"
शाहरुख़ टिक-टॉक पर वीडियो बनाता और मॉडल बनना चाहता था। उसने दो साल पहले अपने एक दोस्त से पिस्टल ख़रीदी थी। पूछताछ के दौरान उसने बताया है कि वो बस रौब झारने के लिए पिस्टल का इस्तेमाल किया करता था और उसने इसीलिए इसे ख़रीदा था।
दोनों भाजपा नेताओं के प्रयासों के कारण अब तक जनता ने दिल्ली दंगों में मारे गए हिन्दुओं के परिवारों के लिए 72 लाख रुपए का सहयोग दिया है। हालाँकि, उन्होंने 71 लाख रुपए का ही लक्ष्य रखा था लेकिन उससे 1 लाख रुपए ज्यादा ही लोगों ने दिए हैं।
सीएम ममता ने दावा किया कि वो अपने राज्य को दूसरी दिल्ली नहीं बनने देंगी। उन्होंने कहा कि जो भी बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में आए हैं, उन्हें फिर से नागरिकता हेतु आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है, वो आटोमेटिक रूप से भारतीय नागरिक हैं।