इस्लामी आतंकियों ने अशोक रैना सहित सभी हिंदुओं को बस से नीचे उतरने के लिए कहा। उन आतंकियों ने अन्य यात्रियों को कहा कि सिर्फ पूछताछ करेंगे, यकीन दिलाने के लिए पैगंबर और कुरान की शपथ भी खाई। लेकिन ऐसा किया नहीं। सभी 6 हिंदुओं को बस से उतारने के बाद...
कमलनाथ-सिंधिया के बीच तल्खी बढ़ने की खबर सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए। बताया जा रहा है कि कमलनाथ के घर पर हुई इस बैठक में सिंधिया के साथ कई मुद्दों पर नोंकझोंक हुई। पूरे मामले से कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भी अवगत कराया गया है।
ट्रेन में हुई सागर नामक व्यक्ति की हत्या के आरोपितों के मुस्लिम होने की खबर में कितनी सच्चाई है? क्या बुरका पहनी औरतों के साथ चल रहे पुरुषों ने ली उसकी जान? जानिए क्या है सच।
पिता-पुत्र दोनों यूपी के सीएम रहे हैं। पिता राम भक्तों की लाश पर चढ़े 'मुल्ला' बने थे। अब बेटे की 'जय श्रीराम' से चिढ़ सामने आई है। भरी सभा में सपा कार्यकर्ताओं ने नारा लगाने पर एक युवक को पीटा और अखिलेश देखते रहे।
पुलिस ने बताया कि महिला की शादी 6 साल पहले असलम से हुई थी। दोनों का 3 साल का एक बच्चा भी है। पीड़िता का आरोप है कि असलम ने अपना नाम सोनू बताकर उससे नजदीकियाँ बढ़ाईं और शादी कर ली।
तीनों छात्रों के नाम आमिर, बासित और तालिब हैं। वीडियो में बैकग्राउंड में गाना बज रहा है- "खाई है ये कसम, खाई है ये कसम, सुन ले दुश्मन सभी, है ये दिल की सदा.. पाकिस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान जिंदाबाद।" वीडियो के बीच में एक छात्र आजादी के नारे भी लगाते हुए सुना जा सकता है।
पिछले वर्ष दिसंबर माह में मामले पर हुई सुनवाई को 15 फरवरी 2020 तक के लिए टाल दिया गया था। दिसंबर में भी कोर्ट ने थरूर को पाँच हजार रुपए की गारंटी जमा करने का निर्देश दिया था।
यह पहली बार नहीं है, या फिर इस प्रकार की रिपोर्टिंग करने वालों में बीबीसी ही अकेला नहीं है। बीबीसी की ही तर्ज पर दी लल्लनटॉप एक साल पहले इस तरह की रिपोर्ट शेयर कर चुका है। वैसे लल्लनटॉप एक बार हिटलर का लिंग भी नाप चुका है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्य के किसानों से किए गए कर्जमाफी के वादे को पूरा नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दी थी। इस बारे में जब सीएम कमलनाथ से सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक कहा- तो उतर जाएँ।
"छत्रपति शिवाजी महाराज, जिन्होंने औरंगजेब के छक्के छुड़ा दिए थे, जो भारत के गौरव का प्रतीक हैं, उनका अपमान किया गया। उनकी प्रतिमा को गिराने के लिए जेसीबी मशीन। देश अपने महापुरुषों का अपमान सहन नहीं करेगा।"