पीएम ने बीएचयू में एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। 430 बेड वाला ये अस्पताल 21 महीनों में बन कर तैयार हुआ है। सीएए और अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के फ़ैसलों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।
राजनीति में प्रतीकों के गहरे मायने होते हैं। केजरीवाल ने शपथ लेते वक्त संदेश दे दिया है कि चुनाव के दौरान पैदा हुई हनुमान भक्ति फिलहाल चलती रहेगी। तब तक आप की टोपी की जिम्मेदारी नन्हे अव्यान तोमर के सिर पर होगी।
केजरीवाल ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली है। लेकिन, एक बार फिर अपनी कैबिनेट में महिलाओं को शामिल नहीं किया है। इससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या उनके लिए महिलाएँ केवल वोट बैंक हैं?
सीमा रिजवी पर जामिया कोऑर्डिनेशन कमिटी (JCC) के कुछ सदस्यों द्वारा हमला किया गया। उनकी बेटी को किडनैप करने की धमकी दी गई। उन लोगों ने यह धमकी इसलिए दी, क्योंकि उन्होंने CAA विरोधी प्रदर्शन की वीडियो फेसबुक पर डाल दी थी।
"ये नई तरह की दिल्ली है जहाँ बिजली मुफ़्त, पानी मुफ़्त, आना मुफ़्त, जाना मुफ़्त... बीमार हुए तो एक करोड़ का इलाज भी मुफ़्त... मोर को नाचते देखकर लगा अगर मुफ़्त योजना अंग्रेज़ लाते तो ये मोर कभी आज़ाद नहीं होना चाहता।"
जब पुलिस जाँच के लिए सीसीटीवी फुटेज लेने पहुँची, तब छात्रों ने हंगामा किया और पुलिस को वो फुटेज नहीं लेने दिया। आख़िर जामिया के छात्र क्या छिपाना चाहते थे? हमारे कुछ और भी सवाल हैं, जो इस वीडियो को देखने के बाद उभरते हैं। देखिए पूरा वीडियो, जो आपसे छिपाया गया ।
पाकिस्तान में बीते कुछ महीनों में करीब 50 हिंदू और सिख लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। 'पाकिस्तानी हिंदूज यूथ फोरम' और 'सिंधी हिंदू स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान' नामक फेसबुक पेज के जरिए यह जानकारी दी गई है।
“वो हर सुंदर कला को और भी सुंदर बनाती हैं। मर्दों की तरह मेहनत वो रात-दिन करती हैं, मगर फिर भी कुछ ना करने की तोहमत लगाई जाती है। दिल में जो डर का किला है, वो तोड़ दो अंदर से तुम, एक ही झटके में अपने आप ही वो ढह जाएगा। आओ मिलकर हम बढ़ें, अधिकार अपने छीन लें। काफिला अब चल पड़ा है। अब न रोक पाएगा।”
“उन सभी पाकिस्तानी आवेदकों के वीजा आवेदनों को स्वीकार किया जाता है, जिनमें हिंदू समुदाय के लोग अपने परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार करने के लिए हरिद्वार जाना चाहते हैं। मगर इसके लिए आवेदक को उस व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाना होगा, जिसकी अस्थियों को विसर्जित किया जाना है।”