पीड़िता शाह आलम की कंपनी में ही काम करती है। आरोप है कि कंपनी में ऊँचे ओहदे और मोटी तनख्वाह का लालच देकर विधायक उस पर संबंध बनाने का दबाव डाल रहे थे। उसे आपत्तिजनक मैसेज भेजते थे।
"मौके पर गोली के खाली राउंड नहीं मिले हैं। इसके अलावा, कथित हमलावर किस गाड़ी से आए थे इस पर लोगों के अलग-अलग बयान हैं। कुछ का कहना कि वे एक स्कूटर पर आए थे कुछ उसे फोर व्हीलर बता रहे थे।"
सीएए और एनआरसी के खिलाफ बिहार में चल रहे प्रोपेगेंडा के तहत गाँव-गाँव घूम रहे सीपीआई के नेताओं को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान लोगों ने सीपीआई नेताओं को काले झंडे तो दिखाए ही साथ ही काफ़िले में मौजूद कन्हैया कुमार के ख़िलाफ़ जमकर मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रंजीत सिंह की हत्या में यूपी पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है। पुलिस को CCTV कैमरे से दो संदिग्धों की तस्वीरें मिली हैं। इन तस्वीरों को एक पुख्ता सुराग के रूप में पुलिस देख रही है। यूपी पुलिस ने हत्यारों की पहचान कर सूचना देने वालों के लिए 50000 रुपए का इनाम...
पुटिया गाँव को पार करने के बाद भैंस ने नजदीकी गाँव गौरंगोला में घुसकर ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस दौरान भैंस ने गाँव में काफी देर तक तांडव मचाया, जिसमें गाँव के करीब आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय...
कपिल मायावती का बड़ा प्रशंसक है, जिसने मायावती के समर्थन में यूपी के विधानसभा चुनावों में जमकर प्रचार किया था। हालाँकि पेंच यह भी है कि जून 2017 से ही आरोपित युवक कपिल का फेसबुक अकाउंट बंद है। अब इसे लेकर पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है और...
मोदी-विरोध में डूबे कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य को आईना दिखाया है अमोल ने। CAA-NRC से लेकर तान्हाजी Vs छपाक और गोडसे-गाँधी से लेकर केजरीवाल-JNU तक - कार्टूनिस्ट सतीश के प्रोपेगेंडा को कार्टून से ही जवाब दिया है अमोल ने।
मोशी शहर की एक चर्च। सामने खुला मैदान और वहाँ धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन। भीड़ खचाखच। तभी खुद को ईश्वर कहने वाले पादरी मवामपोसा ने कहा - जमीन पर 'पवित्र तेल' पड़ा हुआ है। बस, रोग ठीक होने की आस में सभी लोग तेल को छूने लगे। भगदड़ मची और...
सोशल मीडिया पर लोगों ने अरविंद केजरीवाल से अपील की है कि वे जहाँ कहीं भी हों, पीड़ित के रुपए दे दें क्योंकि वो बेरोजगार है और उसने जॉब की उम्मीद में ये काम करना स्वीकार किया था।
"हमें इनके प्रदर्शन से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सड़क खाली होनी चाहिए। ये लोग रामलीला मैदान, जंतर-मंतर या कहीं और प्रदर्शन कर लें। लेकिन धरना जल्दी से जल्दी खत्म कर सड़क खुलवाई जाए।"