दर्दनाक दास्तानों की फेहरिस्त लंबी है। सिलसिला टूट नहीं रहा। इसलिए छपाक देखना या नहीं देखना आपकी मर्जी है। पर ऐसी घटनाओं से लड़ना समाज के तौर पर हमारे लिए मर्जी का सवाल नहीं। हमें लड़ना ही होगा।
"आखिरी फैसला प्रधानमंत्री मोदी और सुशील मोदी ही लेंगे। लेकिन अब भाजपा अकेले चुनाव जीतने में सक्षम है। राज्य में बीजेपी किसी भी अन्य राज्य से और यहाँ के अन्य दलों में से सबसे मजबूत और सक्रिय पार्टी है। सुशील मोदी और नित्यानंद राय CM बन सकते हैं।"
कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर कहा था कि दासगुप्ता का घेराव करने वालों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) और TMC के गुंडे शामिल थे। दासगुप्ता के व्याख्यान कार्यक्रम की जगह SFI, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) छात्रसंघ के विरोध के कारण पहले से ही बदल दी गई थी, बावजूद इसके उन्हें छात्रों ने बंधक बना लिया था।
ममता बनर्जी ने दिल्ली में होने वाली विपक्षी पार्टियों की बैठक का बहिष्कार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस और वामदल पश्चिम बंगाल में गंदी राजनीति कर रहे हैं। वह अब अकेले नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगी।
"यदि हम हिंदुओं से घृणा नहीं करते हैं, अपनी सरकार को या सुरक्षा बलों को खलनायक नहीं बताते, तो यहाँ आपको सराहा नहीं जाएगा। सराहा तब जाएगा जब आप देश के भविष्य के बारे में निराशावादी हों, पाकिस्तान से और उसके आतंकियों से प्यार करें... इसलिए क्षमा करें मुझे ऐसे प्यार की जरूरत नहीं।"
दीपिका पादुकोण की फ़िल्म छपाक अपनी रिलीज़ से पहले ही विवादों में घिरती जा रही है। एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की वकील अपर्णा भट्ट फ़िल्म निर्माताओं से नाराज़ दिख रही हैं। उन्होंने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में फ़िल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की माँग की है।
दीपिका पादुकोण ने फ़िल्म में एसिड अटैक सर्वाइवर का महज़ किरदार निभाया जबकि रंगोली चंदेल पर हक़ीक़त में तेज़ाब से हमला हुआ था। उन्होंने वास्तव में उस दर्दनाक पीड़ा को सहा है। लेकिन वामपंथी गिरोह के अतुल खत्री को मतलब सिर्फ दक्षिणपंथी घृणा से है। तभी तो वो फिल्म को सराहते हैं जबकि चंदेल को चांडाल बोल कर...
पुलवामा के फिदायीन हमलावर आदिल डार ने अपने आखिरी वीडियो में कहा था, "गौमूत्र पीने वाले भद्दे लोग उनके आक्रमणों का सामना नहीं कर पाएँगे।" लेकिन गाय या गौमूत्र से घृणा करने वालों में लेटेस्ट नाम है महिला IPS अधिकारी - असलम खान का।
रंगदारी नहीं देने पर तीन भाइयों को एक जगह लाया गया। इनमें से राजीव को रस्सी से बाँध दिया जबकि सतीश और गिरीश के ऊपर तेज़ाब से भरी बाल्टी उड़ेल दी गई। राजीव को आँखें खोल कर दोनों भाई को तेज़ाब से जलकर मरते देखने की धमकी दी गई। इसके बाद...
JNU हिंसा वाले दिन और संबंधित जगह पर जो 800 मोबाइल नंबर सक्रिय थे, उनके कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर इनकी पहचान की गई है। इन 3 आरोपितों में एक महिला और दो पुरुष हैं। क्राइम ब्रांच को तीनों नकाबपोशों से जुड़ी जानकारी मिली है।