आज से सवा सौ साल पहले निकोलस नोतोविच ने एक अनुभवी लामा से मुलाक़ात की। उसने प्राचीन पाली भाषा में लिखे कुछ ऐसे दस्तावेज दिखाए, जिससे निकोलस के होश उड़ गए। सिल्क रूट से हिमालय पर पहुँचे ईसा मसीह ने बौद्ध भिक्षुओं से आत्म व परमात्मा के गुर सीखे।
यूरोप पर कट्टरपंथी आतंकियों के केमिकल अटैक के अलावा 2020 जिन बड़ी और वैश्विक घटनाओं को लेकर उन्होंने भविष्यवाणी की है, उनमें ये दो भी प्रमुख हैं - (i) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर हमला होगा (ii) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संदिग्ध बीमारी का शिकार होंगे, जिससे वो...
एनपीआर को लेकर भी लोगों में भ्रम न फैलाया जाए। उसे मद्देनजर रखते हुए ANI को दिए इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने, एनपीआर, एनआरसी, सीएए और डिटेंशन सेंटर जैसे मुद्दों पर खुलकर जवाब दिया।
सेवाओं के एकीकरण से यह ‘नौकरशाही’ खत्म हो जाएगी। इससे रेलवे के सुव्यवस्थित कामकाज को बढ़ावा मिलेगा, निर्णय लेने में तेजी आएगी, संगठन के लिए एक सुसंगत विजन सृजित होगा और तर्कसंगत निर्णय लेने को प्रोत्साहन मिलेगा। ये सुधार कई दशक से लंबित थे, जिन्हें मोदी सरकार ने पूरा किया है।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि आपके स्कूल का इंतजाम कर दिया, आपके पानी का इंतजाम कर दिया। आपके दवा-दारू का इंतजाम कर दिया। फिर उन्होंने थोड़ा रुक कर कहा- दारू का नहीं, दवा का इंतजाम किया।
कारनेशन ने 2009 में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 170 करोड़ रुपए का लोन लिया था। लेकिन साल 2015 में ये लोन एनपीए घोषित हो गया। इससे पीएनबी को 110 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस मामले में पीएनबी ने आपराधिक षडयंत्र और धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया।
55 लाख लोगों को आयुष्मान भारत के तहत इ-कार्ड्स दिए गए। 30 लाख गैस कनेक्शन बाँटे गए। कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ 20 लाख किसानों को मिला। तेजस्विनी योजना से 10 लाख किशोरियों व युवतियों को जोड़ा गया। फिर भी रघुबर अपनी सरकार क्यों नहीं बचा पाए?
उद्धव ठाकरे की आलोचना पर शिवसैनिकों ने राहुल तिवारी को घर में घुस कर पीटा था। उनका सिर मुंडवा दिया था। आदित्य ने पार्टी कार्यकर्ताओं की इस गुंडई को स्वभाविक गुस्सा बताया है।
द वायर के संस्थापक की पत्नी, औरंगजेब परस्त इतिहासकार और द टेलिग्राफ ने दावा किया था कि अलीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शन में भड़की हिंसा रोकने के लिए हथगोलों का इस्तेमाल किया। जबकि......
"कई लोगों ने इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है। बावजूद इसके सोनिया, प्रियंका और ओवैसी साजिश के तहत लोगों को उकसाने वाले बयान दे रहे हैं। इससे जामिया में हिंसा भड़की। रवीश कुमार ने इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और अन्य जगहों पर हिंसा हुई।"