पीड़िता ने बताया कि 20 दिसंबर की रात वो कमरे में सोई हुई थी। तभी मदरसे का हाफिज वहाँ पहुँचा और बहला-फुसलाकर उसे अपने कमरे में ले गया। वहाँ कमरा बंद करके डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपित मौलाना ने छात्रा को किसी से कहने पर जान से मारने की धमकी दी।
आदित्य ठाकरे को पहले Y+ सुरक्षा मिली हुई थी। लेकिन अब आदित्य ठाकरे की सुरक्षा को बढ़ाकर Z श्रेणी का कर दिया गया है। वहीं पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को X श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। लेकिन अब उन्हें केवल एक पुलिस एस्कॉर्ट दिया जाएगा।
पीरजादा वांकानेर से और जोशी जूनागढ़ से विधायक हैं। 2008 में 1500 लोगों की भीड़ की अगुवाई करते हुए उसे हिंसा के लिए उकसाया था। इस मामले में जिन लोगों को सजा सुनाई गई है, उनमें कॉन्ग्रेस के एक पूर्व विधायक और अन्य नेता भी हैं।
पुलिस के मुताबिक, जेम्स के ख़िलाफ़ महिला ने शिकायत दर्ज करवाते हुए उसपर आरोप लगाया कि सीटी स्कैन के दौरान जेम्स ने उसका शोषण किया और उसकी तस्वीरें खींचीं।
एनपीआर को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद से विपक्ष उसी तरह अफवाह फैलाने में जुट गया है जैसा उसने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर किया। जिस तरीके से CAA को NRC से जोड़ा गया, उसी तरह अब NPR को भी NRC से जोड़कर दिखाने की कोशिश हो रही है। जबकि हकीकत कुछ और ही है।
राष्ट्रपति ने 2 दिनों का शोक घोषित किया है। अभी तक किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सेना ने बताया है कि हमले में 8 जवान भी शहीद हुए हैं।
हिंदुत्ववादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या 18 अक्टूबर को लखनऊ के उनके दफ्तर में कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। हत्यारों को गुजरात एटीएस ने राजस्थान बॉर्डर से दबोचा था।
1. जामिया नगर में पुलिस प्रदर्शनकारियों को जान से मार रही है। 2. सीलमपुर में प्रदर्शनकारियों के ऊपर पुलिस बर्बरता दिखा रही, जान से मार रही। - ये वो दो न्यूज और वीडियो थे, जो फेक थे लेकिन जिस समय इन्हें फैलाया गया, उससे हिंसा भड़की और...
"हम अपना घर, जमीन सब पीछे छोड़ आए हैं... सब कुछ पाकिस्तान में है। अब यही हमारा घर है। अगर आप हमें स्वीकार नहीं करेंगे तो हम कहाँ जाएँगे? कृपया हमारी पीड़ा को समझें और जो कुछ हमारे घाव को भरने की कोशिश चल रही है, उसका विरोध न करें।’’
जम्मू कश्मीर में भारी संख्या में तैनात सुरक्षाबलों में से अर्धसैनिक बलों की 72 कंपनियों को सरकार ने वापस बुलाने का फैसला लिया है। इनमें सीआरपीएफ की 24, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी की 12-12 कंपनियाँ शामिल हैं।