Wednesday, April 21, 2021
Home विविध विषय धर्म और संस्कृति ईसा मसीह का बौद्ध कनेक्शन, भारत में मिला था ज्ञान!

ईसा मसीह का बौद्ध कनेक्शन, भारत में मिला था ज्ञान!

"जब मैं हिमालय पर स्थित हेमिस में बैठा हुआ था, तभी एक लामा ने आकर मुझसे कहा कि क्या तुम्हें पता है, ईसा यहाँ से पढ़े थे। मैं एक पल के लिए चौंक गया। उस बौद्ध भिक्षु ने मुझे बताया कि जिन्हें तुम जीसस कहते हो, उन्हें हमलोग यहाँ ईसा के नाम से जानते हैं।"

जीसस क्राइस्ट या ईसा मसीह कोई अनजान नाम नहीं है। दुनिया में सबसे ज़्यादा पालन किए जाने वाले धर्म ईसाइयत में उन्हें ‘सन ऑफ गॉड’, अर्थात परमात्मा के पुत्र के नाम से जाना जाता है। हालाँकि, इस बारे में अक्सर सवाल उठते रहते हैं कि ईसा मसीह को ज्ञान कहाँ से प्राप्त हुआ? कुछ पुराने दस्तावेजों से ये भी पता चलता है कि ईसा मसीह ने बौद्ध भिक्षुओं व लामाओं से आत्मा और परमात्मा के गुर सीखे, फिर वापस इजरायल लौटकर उसे अन्य लोगों को बताया।

इस बारे में रूसी लेखक निकोलस निकोविच ने अपनी पुस्तक ‘Lavie inconnue de Jesus Christ (Life of Saint Issa)’ में काफ़ी कुछ लिखा है। यह क़िताब 1894 में लिखी गई थी। इसमें उन्होंने एक अनुभवी लामा से बात की थी, जिसने उन्हें बताया कि बौद्ध लामा ‘ईसा’ का नाम सम्मान से लेते हैं, क्योंकि उन्होंने भारत आकर हिन्दुओं व बौद्धों से काफ़ी कुछ सीखा था। इन्हीं चीजों को उन्होंने इजरायल जाकर अपने अन्य अनुयायियों को सिखाया।

असल में, अनुभवी लामा ने निकोलस को बताया कि ईसा के बारे में काफ़ी कम बौद्धों को जानकारी है। केवल वही लामा उन्हें जानते हैं, जिन्होंने पुराने दस्तावेज पढ़े हैं। लामा ने बताया कि अनंत बुद्ध हुए हैं, जिनके बारे में 84,000 दस्तावेज हैं। उन सभी में उन बुद्धों के जीवन का जिक्र है। इनमें से एक बुद्ध ईसा को भी माना गया है। लामा ने बताया कि बुद्ध ब्रह्म के अवतार थे। उन्होंने बताया कि इसी तरह के कई अवतार हुए हैं, जिनमें से एक गौतम बुद्ध थे। इसी तरह, ईसा का भी एक पवित्र बालक के रूप में जन्म हुआ। लामा ने निकोलस को बताया कि उस बच्चे को ज्ञान प्राप्ति के लिए भारत लाया गया।

बकौल लामा, जब बौद्ध धर्म चीन में फ़ैल रहा था, तभी बुद्ध के सन्देश इजरायल तक भी पहुँचे और लोग इससे अवगत हुए। निकोलस ने अनुभवी लामा के हवाले से लिखा है कि ईसा जब तक वयस्क नहीं हो गए, तब तक भारत आकर वो बुद्ध के बारे में पढ़ते रहे और भिक्षुओं के साथ रहे। यहीं उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। ईसा की ज़िंदगी से जुड़े दुर्लभ बौद्ध दस्तावेजों को भारत से नेपाल लाया गया और फिर वहाँ से तिब्बत भेजा गया। ये दस्तावेज प्राचीन पाली भाषा में लिखे हुए हैं। लामा ने उस समय बताया था कि वो ल्हासा में हैं। इसे तिब्बती भाषा में भी अनुवादित किया गया था।

निकोलस लिखते हैं कि ब्राह्मण ईसा से नाराज़ थे क्योंकि उन्होंने भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों को नकार दिया था। ब्राह्मणों ने उनकी जान लेने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें कुछ लोगों की मदद से नेपाल के पहाड़ों में छिपना पड़ा था। हालाँकि, इन बातों में कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकती है और आधुनिक इतिहासकारों ने ईसा के भारत आने की बात नकार दी है। इसी तरह ‘यूनिवर्सिटी ऑफ साउथर्न कैलिफॉर्निया’ से एमए कर चुके रिचर्ड मार्टीनी कहते हैं:

“जब मैं हिमालय पर स्थित हेमिस में बैठा हुआ था, तभी एक लामा ने आकर मुझसे कहा कि क्या तुम्हें पता है, ईसा यहाँ से पढ़े थे। मैं एक पल के लिए चौंक गया। उस बौद्ध भिक्षु ने मुझे बताया कि जिन्हें तुम जीसस कहते हो, उन्हें हमलोग यहाँ ईसा के नाम से जानते हैं।”

निकोलस अपनी पुस्तक में ये भी लिखते हैं कि ईसा सिल्क रूट से भारत आए थे। सिल्क रूट पर एक इजरायली ट्राइब के होने के भी सबूत मिले हैं, ऐसा कई रिसर्चर्स ने दावा किया है। अहमदिया मुस्लिमों के एक बड़े वर्ग का भी मानना है कि जीसस को जब क्रॉस पर लटकाया गया था, उसके बाद वो पुनर्जीवित हो भारत पहुँचे थे। इससे उनके पीछे पड़े दुश्मनों की नज़रों से भी वो ओझल हो गए और उन्हें अपने ज्ञान का प्रचार-प्रसार करने के लिए नए लोग मिले। हालाँकि, इन सबके कोई स्पष्ट सबूत नहीं हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश को लॉकडाउन से बचाएँ, आजीविका के साधन बाधित न हों, राज्य सरकारें श्रमिकों में भरोसा जगाएँ: PM मोदी

"हमारा प्रयास है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकते हुए आजीविका के साधन बाधित नहीं हों। केंद्र और राज्यों की सरकारों की मदद से श्रमिकों को भी वैक्सीन दी जाएगी। हमारी राज्य सरकारों से अपील है कि वो श्रमिकों में भरोसा जगाएँ।"

‘दिल्ली के अस्पतालों में कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बाकी’, केजरीवाल ने हाथ जोड़कर कहा- ‘मोदी सरकार जल्द करे इंतजाम’

“दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। मैं फिर से केंद्र से अनुरोध करता हूँ दिल्ली को तत्काल ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए। कुछ ही अस्पतालों में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची हुई है।”

पत्रकारिता का पीपली लाइवः स्टूडियो से सेटिंग, श्मशान से बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग की सजाई चिता

चलते-चलते कोरोना तक पहुँचे हैं। एक वर्ष पहले से किसी आशा में बैठे थे। विशेषज्ञ को लाकर चैनल पर बैठाया। वो बोला; इतने बिलियन संक्रमित होंगे। इतने मिलियन मर जाएँगे।

यूपी में दूसरी बार बिना मास्क धरे गए तो ₹10,000 जुर्माने के साथ फोटो भी होगी सार्वजनिक, थूकने पर 500 का फटका

उत्तर प्रदेश में पब्लिक प्लेस पर थूकने वालों के खिलाफ सख्ती करने का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति पब्लिक प्लेस में थूकते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

दिल्ली-महाराष्ट्र में लॉकडाउन: राहुल गाँधी ने एक बार फिर राज्यों की नाकामी के लिए मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

"प्रवासी एक बार फिर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके बैंक खातों में रुपए डाले। लेकिन कोरोना फैलाने के लिए जनता को दोष देने वाली सरकार क्या ऐसा जन सहायक कदम उठाएगी?"

प्रचलित ख़बरें

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘भारत में कोरोना के डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाला’: मीडिया द्वारा बनाए जा रहे ‘डर के माहौल’ का FactCheck

'ब्लूमबर्ग' की रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत के इस डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जानिए क्या है इसके पीछे की सच्चाई।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,347FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe