जामिया नगर में CAA कानून बनने के बाद हुए बवाल पर पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि अन्य लोगों की जाँच जारी है। इस मामले में पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाकर दंगे भड़काने के लिए 2 एफआईआर भी दर्ज की हैं।
जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा कि कानून के मुताबिक बिना इजाजत पुलिस कैंपस में दाखिल नहीं हो सकती। जामिया कैंपस में बिना इजाजत घुसकर पुलिस ने ऐसी मिसाल कायम की है जो हर यूनिवर्सिटी के लिए एक खतरा है।
अनुराग कश्यप ने ट्विटर से स्वयंभू निर्वासन समाप्त कर दिया है। आते ही जामिया की हिंसा का दोष मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस के मत्थे मढ़ने की कोशिश की है। सेक्रेड गेम्स का दूसरा सीजन आने से ठीक पहले उन्होंने अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट किया था।
बीते 3 महीने में 750 फ़र्ज़ी आईडी कार्ड बरामद किए गए हैं। इससे पता चलता है कि जामिया में हिंसा की साज़िश लंबे समय से रची जा रही थी। हिंसा भड़काने की तैयारी काफ़ी पहले से थी और संशोधित नागरिकता क़ानून के रूप में उन्हें एक नया हथियार मिल गया।
अपने ही प्रोफेसरों से प्रताड़ित माखनलाल के छात्रों के साथ बीते दिनों पुलिस ने भी जोर-जबर्दस्ती की थी। बावजूद इसके जब ये भोपाल की सड़कों पर निकले तो कोई शोर-शराबा नहीं हुआ। न सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुॅंचाया गया।
सबसे ज्यादा हिंसा पश्चिम बंगाल में हुई। उसी तरह पूर्वोत्तर में भी ऐसे कई विरोध प्रदर्शन हुए। असम में उपद्रवियों के ख़िलाफ़ 136 केस दर्ज किए गए हैं और कुल 190 आरोपितों को गिरफ़्तार किया गया है। इनमें से कई ऐसे लोग हैं, जो तरह-तरह के संगठनों से जुड़े हैं
दिल्ली पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिसोदिया और आप विधायक अमानतुल्लाह खान तथा अन्य पार्टी नेताओं ने आपराधिक साजिश रची और जामिया हिंसा भड़काई। अपनी शिकायत के साथ पुलिस को कुछ वीडियो भी उपलब्ध कराए गए हैं जिनमें कथित रुप से आप नेता भीड़ को उकसा रहे हैं।
एक तरफ शिवसेना अपनी सत्ता में साझीदार कॉन्ग्रेस और एनसीपी को ख़ुश रखने में लगी है, वहीं दूसरी तरफ़ वो भाजपा को देशहित और हिंदुत्व के मुद्दों पर अकेले क्रेडिट लेने भी नहीं देना चाहती। मौजूदा स्थिति में पार्टी पेंडुलम की तरह हो गई है- कभी इधर तो कभी उधर।
इस हड़ताल को एमके फैजी की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) ने बुलाया है। एसडीपीआई के आतंकियों से कनेक्शन सामने आते रहते हैं और कन्नूर के नारथ इलाक़े में इसके नेताओं के यहाँ पुलिस की रेड में कई ख़तरनाक हथियार मिले थे। ये संगठन चोरी-छिपे हथियारों का प्रशिक्षण देता है।
ये गिरफ्तारियाँ ऐसे वक्त में हुई है जब बांग्लादेश ने कहा है कि भारत से उसने अवैध रूप से रह रहे अपने नागरिकों की जानकारी मॉंगी है। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए बांग्लादेशियों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर कुछ दस्तावेज भी बनवा रखे हैं।