Monday, May 25, 2020
होम देश-समाज जामिया की हिंसा देखी, मजहबी नारे सुने: अब देखिए माखनलाल के पीड़ित छात्रों का...

जामिया की हिंसा देखी, मजहबी नारे सुने: अब देखिए माखनलाल के पीड़ित छात्रों का मौन विरोध

पुलिस की हिंसात्मक कार्रवाई के विरोध में छात्रों ने मुँह पर काली पट्टी बाँधकर मौन कैंडल मार्च निकाला। विश्वविद्यालय के कुलपति दीपक तिवारी की इस्तीफे की माँग की। साथ ही प्रोफेसर दिलीप मंडल और मुकेश कुमार को बर्खास्त करने और अपने खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की माँग की।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

विरोध के नाम पर कुछ दिन पहले आपने जेएनयू के छात्रों का उत्पात देखा होगा। फिलहाल राजधानी दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र अपने हिंसक प्रदर्शन से सुर्खियों में हैं। यहॉं प्रदर्शन के दौरान मजहबी और उन्मादी नारे लगाते छात्रों के वीडियो भी सामने आए हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी विरोध का ऐसा ही रूप दिखा। ऐसे वक्त में भी भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के छात्रों का विरोध एक मिसाल के तौर पर उभरा है।

अपने ही प्रोफेसरों से प्रताड़ित इन छात्रों के साथ बीते दिनों पुलिस ने भी जोर-जबर्दस्ती की थी। बावजूद सोमवार (दिसंबर 16, 2019) की शाम जब ये भोपाल की सड़कों पर निकले तो कोई शोर-शराबा नहीं हुआ। न सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुॅंचाया गया। न ही आम लोगों को इससे कोई परेशानी हुई। शायद यही कारण है कि लुटियंस मीडिया के लिए इनका विरोध मायने नहीं रखता है।

पुलिस की हिंसात्मक कार्रवाई के विरोध में छात्रों ने मुँह पर काली पट्टी बाँधकर मौन कैंडल मार्च निकाला। शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति दीपक तिवारी की इस्तीफे की माँग की है। साथ ही प्रोफेसर दिलीप मंडल और मुकेश कुमार को बर्खास्त करने और अपने खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की माँग की। छात्रों ने सोमवार की शाम 6 बजे बोर्ड ऑफिस चौराहे से विश्वविद्यालय तक मौन रैली निकाली। इसमें कई कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

नई दुनिया के भोपाल संस्करण में प्रकाशित खबर
- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

कुछ सामाजिक संगठनों का समर्थन भी इन्हें हासिल था। ऐसे ही एक संगठन संस्कृति बचाओ मंच के कार्यकर्ताओं ने भी दिलीप मंडल व मुकेश कुमार को बर्खास्त करने के समर्थन में ज्ञापन सौंपा है। साथ ही छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की भी माँग की है। संस्कृति बचाओ मंच की तरफ से छात्रों के समर्थन में विश्विद्यालय को ज्ञापन सौंपते हुए मंच के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने कहा कि छात्रों पर की जा रही कार्रवाई गलत है। इससे पहले ओबीसी एसटी-एसटी एकता मंच ने दोनों फैकल्टी के समर्थन में विवि प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था।

उल्लेखनीय है कि दिलीप मंडल और मुकेश कुमार पर छात्रों के बीच जातिगत भेदभाव कर माहौल खराब करने का आरोप है। छात्रों का आरोप है कि दिलीप मंडल और मुकेश कुमार सोशल मीडिया पर जाति विशेष को लेकर लगातार पोस्ट कर रहे हैं। छात्रों ने इस संबंध में 11 दिसंबर को कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए शिकायत की थी कि दिलीप सी मंडल और मुकेश कुमार जाति के आधार पर छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं और जातिगत कटुता बढ़ाने का काम कर रहे हैं। मगर विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से न तो उनसे संपर्क करने की कोई कोशिश की गई और न ही ज्ञापन से संबंधित कोई जवाब दिया गया। उल्टा प्रशासन ने इनके खिलाफ FIR करवा दी और फिर पुलिस ने भी छात्रों के साथ काफी बर्रबरता से मारपीट की। 

कड़ाके की ठंड, घुप्प अँधेरी रात, 20 किमी घुमाया, कपड़े उतरवाए: दिलीप मंडल का विरोध करने की सजा

पूरा नाम क्या है? जाति जानने के बाद प्रताड़ित करते हैं दिलीप मंडल: माखनलाल यूनिवर्सिटी के छात्र

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

दिलीप मंडल पढ़ाने की जगह ‘जाति के आधार पर विभाजन’ खड़ा कर रहे हैं: माखनलाल यूनिवर्सिटी में बवाल

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

माफ करना विष्णुदत्त विश्नोई! सिस्टम आपके लायक नहीं… हम पर्दे का सिंघम ही डिजर्व करते हैं

क्या ईमानदार अधिकारियों की जान की कीमत यह देखकर तय की जाएगी कि सत्ता में कौन है? फिर आप पर्दे का सिंघम ही डिजर्व करते हैं।

मोदी-योगी को बताया ‘नपुंसक’, स्मृति ईरानी को कहा ‘दोगली’: अलका लाम्बा की गिरफ्तारी की उठी माँग

अलका लाम्बा PM मोदी और CM योगी के मुँह पर थूकने की बात करते हुए उन्हें नपुंसक बता रहीं। उन्होंने स्मृति ईरानी को 'दोगली' तक कहा और...

‘₹60 लाख रिश्वत लिया AAP MLA प्रकाश जारवाल ने’ – टैंकर मालिकों का आरोप, डॉक्टर आत्महत्या में पहले से है आरोपित

AAP विधायक प्रकाश जारवाल ने पानी टैंकर मालिकों से एक महीने में 60 लाख रुपए की रिश्वत ली है। अपनी शिकायत लेकर 20 वाटर टैंकर मालिकों ने...

भारत माता का हुआ पूजन, ग्रामीणों ने लहराया तिरंगा: कन्याकुमारी में मिशनरियों का एजेंडा फेल

ग्रामीणों का कहना है कि देश और देश के सैनिकों को सलाम करने के लिए उन्होंने ये अभियान शुरू किया था, लेकिन कुछ मिशनरियों के दबाव में......

मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया पर संदेशों के खिलाफ जारी किया आदेश: उद्धव सरकार की आलोचना पर भी अंकुश

असल में यह आदेश परोक्ष रूप से उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार की सभी आलोचनाओं पर भी प्रतिबंध लगाता है, क्योंकि......

‘महाराष्ट्र में मजदूरों को एंट्री के लिए लेनी होगी अनुमति’ – राज ठाकरे ने शुरू की हिंदी-मराठी राजनीति

मजदूरों पर राजनीति करते हुए राज ठाकरे ने CM योगी आदित्यनाथ के 'माइग्रेशन कमीशन' के फैसले पर बयान जारी किया। दरअसल वे हिंदी-मराठी के जरिये...

प्रचलित ख़बरें

गोरखपुर में चौथी के बच्चों ने पढ़ा- पाकिस्तान हमारी प्रिय मातृभूमि है, पढ़ाने वाली हैं शादाब खानम

गोरखपुर के एक स्कूल के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बने व्हाट्सएप ग्रुप में शादाब खानम ने संज्ञा समझाते-समझाते पाकिस्तान प्रेम का पाठ पढ़ा डाला।

‘न्यूजलॉन्ड्री! तुम पत्रकारिता का सबसे गिरा स्वरुप हो’ कोरोना संक्रमित को फ़ोन कर सुधीर चौधरी के विरोध में कहने को विवश कर रहा NL

जी न्यूज़ के स्टाफ ने खुलासा किया है कि फर्जी ख़बरें चलाने वाले 'न्यूजलॉन्ड्री' के लोग उन्हें लगातार फ़ोन और व्हाट्सऐप पर सुधीर चौधरी के खिलाफ बयान देने के लिए विवश कर रहे हैं।

राजस्थान के ‘सबसे जाँबाज’ SHO विष्णुदत्त विश्नोई की आत्महत्या: एथलीट से कॉन्ग्रेस MLA बनी कृष्णा पूनिया पर उठी उँगली

विष्णुदत्त विश्नोई दबंग अफसर माने जाते थे। उनके वायरल चैट और सुसाइड नोट के बाद कॉन्ग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया पर सवाल उठ रहे हैं।

रवीश ने 2 दिन में शेयर किए 2 फेक न्यूज! एक के लिए कहा: इसे हिन्दी के लाखों पाठकों तक पहुँचा दें

NDTV के पत्रकार रवीश कुमार ने 2 दिन में फेसबुक पर दो बार फेक न्यूज़ शेयर किया। दोनों ही बार फैक्ट-चेक होने के कारण उनकी पोल खुल गई। फिर भी...

तब भंवरी बनी थी मुसीबत का फंदा, अब विष्णुदत्त विश्नोई सुसाइड केस में उलझी राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार

जिस अफसर की पोस्टिंग ही पब्लिक डिमांड पर होती रही हो उसकी आत्महत्या पर सवाल उठने लाजिमी हैं। इन सवालों की छाया सीधे गहलोत सरकार पर है।

हमसे जुड़ें

206,924FansLike
60,016FollowersFollow
241,000SubscribersSubscribe
Advertisements