राजनीतिक और सैन्य कारणों से मराठे पवित्र स्थलों को वापिस पाने का सपना पूरा नहीं कर पाए। लेकिन भरसक प्रयासों में कोई कोताही नहीं बरती। आज यह याद करना ज़रूरी है कि हमारे पूर्वजों ने धन, प्राण, शक्ति समेत कितनी कुर्बानियाँ दी।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पाँच सदस्यीय बेंच ने लगातार चालीस दिन तक चली सुनवाई के बाद इस मामले में 16 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवम्बर को रिटायर होने वाले हैं। इससे पहले फैसला आने की उम्मीद है।
राजस्थान के एडीजी उमेश मिश्र ने बताया कि दोनों ही सैनिक अहम जानकायॉं आईएसआई की महिला जासूस से साझा कर रहे थे। दोनों को शिकार बनाने के लिए महिला ने उनके नंबर पर कॉल करने के लिए VOIP तकनीक का इस्तेमाल किया।
'कंट्री रिपोर्ट ऑन टेररिज्म 2018' के आँकड़े बताते हैं कि सीपीआई (एम) ने पिछले साल 177 घटनाओं में करीब 311 लोगों की हत्या की। तालिबान, इस्लामिक स्टेट और बोको हराम जैसे आतंकी संगठनों के साथ उसने इस सूची में जगह बनाई है।
सेना ने आजादी मार्च को समाप्त करने से ऐसे वक्त में इनकार किया है जब इमरान के तख्तापलट को लेकर अटकलें लगाई जा रही। बताया जा रहा कि सेना अब बिलावल भुट्टो जरदारी को देश का प्रधानमंत्री बनाने की योजना पर काम कर रही है।
"मुझे लगता है कि अदालत का फैसला हिन्दुओं के पक्ष में आएगा। यह सिर्फ हिन्दू या हिंदुस्तान का नहीं, बल्कि आस्था का मुद्दा है। सुप्रीम कोर्ट भी इस पर विचार करेगा, क्योंकि भगवान राम सिर्फ हिन्दुओं के नहीं बल्कि पूरे संसार के भगवान हैं।"
आज़ादी के बाद से ही 'सेक्युलरासुर' सरकारें गौ भक्तों को हिकारत भरी नज़रों से देखती रही हैं। 7 नवंबर 1966 को गौ भक्तों के दमन का वह आदेश भी "इंदिरा इज़ इंडिया, इंडिया इज़ इंदिरा" के अंदाज़ में ही दिया गया था।
माहिरा जैसों से तो दिल की सुनने और दिल में झॉंक कर देखने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उम्मीद यूएन से है कि वह अपने गुडविल का ध्यान रखे। ऐसा न हो कि शरणार्थियों का दर्द भी कम न हो और उसकी साख को भी बट्टा लग जाए।
सीएफआई से जुड़े लोगों पर अपने से परे विचार रखने वाले लोगों की हत्या के गंभीर आरोप हैं। बावजूद इसके सोशल मीडिया में नैतिकता बघारने वाले गोपीनाथन ने उसके कार्यक्रम में अपने विचार रखे।
"IRCTC द्वारा इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और ठेकेदार को जाति के आधार पर नौकरी देने से परहेज करने का नोटिस जारी किया है और किसी भी जाति/ पंथ/ धर्म या क्षेत्र से संबंधित उपयुक्त व्यक्तियों की भर्ती करने के लिए के लिए कहा गया है।"