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सवाल पर बवाल: शिवाजी के नाम से छत्रपति हटाने पर भड़के मराठी, केबीसी के बहिष्कार की माँग

इस चूक से नाराज़ लोगों के केबीसी के आयोजकों और सोनी चैनल वालों को आड़े हाथों लिया। किसी ने क्रूर जिहादी औरंगज़ेब को सम्मान देने पर आपत्ति जताई तो कुछ लोगों ने होस्ट अमिताभ बच्चन से भी माफ़ी की माँग कर डाली।

मशहूर टीवी गेम शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ अपनी एक छोटी सी भूल से एक राजनीतिक विवाद का केंद्रबिंदु बन गया है। गेम शो में पूछे गए एक प्रश्न में हिन्दू शासक और मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम में उपनाम ‘छत्रपति’ न लगाने, और उसी सवाल में अन्य हिन्दू राजाओं, और मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब के लिए उपयुक्त राजनीतिक उपनामों का प्रयोग करने को लेकर ट्विटर पर देश भर की जनता की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है

यही नहीं, फ़िलहाल मराठा पार्टी शिव सेना से सत्ता संघर्ष में उलझी भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने भी इस पर आपत्ति जताई है। भाजपा के महाराष्ट्र विधायक नितेश राणे ने चैनल और आयोजकों से माफ़ी की माँग की है।

बवाल का कारण एक सवाल है जिसमें स्क्रीन पर औरंगज़ेब और शिवाजी महाराज समेत पाँच ऐतिहासिक शासकों के बारे में पूछा गया था। इसमें से शिवाजी के अलावा बाकी सभी शासकों, जैसे महाराणा प्रताप, राणा सांगा, महाराज रंजीत सिंह आदि के लिए सही उपनामों का इस्तेमाल हुआ और छत्रपति शिवाजी को केवल “शिवाजी” लिखा गया।

इसे उनका इसलिए अपमान माना जा रहा है क्योंकि ऐतिहासिक रूप से भी उनकी जन्म की जाति के चलते उनके राजतिलक में अड़चन आने की बात कही जाती है। उस समय वाराणसी के सम्मानित ब्राह्मण पंडित विश्वेश्वर ‘गागा’ भट्ट ने यह ढूँढ़ कर निकाला कि वे जाति-भ्रष्ट(या कुछ विवरणों के अनुसार, पूर्वजों के कुछ कृत्यों के चलते जातिच्युत) सिसोदिया क्षत्रिय हैं। सूर्यवंशी सिसोदिया भगवान श्री राम के इक्ष्वाकु कुल के माने जाते हैं। उसके बाद ही उनका राजतिलक सम्भव हो पाया था।

इस चूक से नाराज़ लोगों के केबीसी के आयोजकों और सोनी चैनल वालों को आड़े हाथों लिया। किसी ने क्रूर जिहादी औरंगज़ेब को सम्मान देने पर आपत्ति जताई तो कुछ लोगों ने होस्ट अमिताभ बच्चन से भी माफ़ी की माँग कर डाली।

विवाद बढ़ता देख कर सोनी टीवी ने एक ट्वीट कर विवाद पर माफ़ी माँग ली है। साथ ही दावा किया है कि कल जिस एपिसोड की शूटिंग हुई है उसमें उन्होंने माफीनामे का एक ‘स्क्रॉल’ जोड़ दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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