संभल स्थित कल्कि धाम के पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णन कॉन्ग्रेस की सभाओं में भी काफ़ी सक्रिय रहते हैं और यूपी में उन्हें पार्टी का आध्यात्मिक चेहरा माना जाता है। लेकिन, वह केवल बेढंगे और बेतुके बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं।
हक्कानी ने कहा कि भारत या भारतीयों की खिल्ली उड़ाने, उन्हें गालियाँ देने, उनका अपमान करने या फिर उन्हें बदनाम करने की जगह पर पाकिस्तानियों को अपने देश के बारे में सोचना चाहिए। वे अभी वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक हडसन इंस्टीट्यूट में कार्यरत हैं।
"वॉशिंगटन पोस्ट की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग में इस सच को नजरअंदाज किया गया कि अनुच्छेद 370 और 35ए के कारण अल्पसंख्यक, महिलाएँ और समाज के कमजोर वर्ग के लोग लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहे जबकि कश्मीर भ्रष्टाचार, अलगावववाद की जमीन बन गई।"
केंद्रीय विद्यालय ने चेन्नई क्षेत्र के अपने सभी 49 स्कूलों में पता किया लेकिन यह प्रश्नपत्र उनमें से कहीं का नहीं है। डीएमके प्रमुख ने दावा किया था कि इस प्रश्न-पत्र में मुस्लिमों के लिए भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
कल तक लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के कसीदे पढ़ने में नहीं अघाने वाले नेता भी अब जमीनी हकीकत भॉंप ऐसे चेहरे की तलाश कर रहे हैं जो चुनावी नैया पार लगा सके। तेजस्वी के नेतृत्व पर साथी दलों के असमंजस के बाद अब राजद में भी दिख रही बेचैनी।
यह कहानी है कर्नाटक के बेलगावी जिला स्थित सुदूरवर्ती गाँव शेगुनासी की, जहाँ इस वर्ष भयंकर बाढ़ आई। लेकिन, उनके लिए मदद सरकार से नहीं बल्कि ऐसी जगह से पहुँची कि 10 साल पुराना इतिहास फिर से जिन्दा हो गया।
दाऊद इब्राहिम ने भी मुंबई बम ब्लास्ट के बाद मदद के लिए जेठमलानी को फोन किया था। जेठमलानी ने 2015 में कहा था कि दाऊद को भारत लाया जा सकता था, लेकिन महाराष्ट्र के तत्कालीन सीएम शरद पवार की वजह से ऐसा नहीं हो पाया।
एनडीटीवी के मालिक ने कॉन्ग्रेस की नेहरू विरासत को चुनौती देते हुए अपने पत्रकार का बचाव किया। उन्होंने लिखा कि पल्लव ने इसरो के लिए काफ़ी कुछ किया है, उन्होंने भारत में विज्ञान के लिए काफ़ी कुछ किया है।
इसरो प्रमुख के. सिवन ने बताया है कि विक्रम लैंडर से फ़िलहाल सम्पर्क टूटा हुआ है। लेकिन उम्मीदें कायम हैं। अगले 14 दिनों में सम्पर्क स्थापित करने के प्रयास किए जाएँगे। अतिरिक्त ईंधन के कारण ऑर्बिटर 7-7.5 साल तक चन्द्रमा की परिक्रमा करने में सक्षम है।
नाले में मिली लाश। शर्ट देख कर टेलर ने मृतक की पहचान कृष्णा के तौर पर की। असल में कृष्णा अपने शर्ट के कॉलर के नीचे के 3-4 बटन हमेशा अलग रंग के लगवाता था। जब पुलिस हत्या के तह तक पहुँची तो उसे प्यार, धोखा और लालच से भरी एक कहानी मिली।