Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयभारत को गाली देना छोड़ अपने बारे में सोचें पाकिस्तानी: USA में पाक के...

भारत को गाली देना छोड़ अपने बारे में सोचें पाकिस्तानी: USA में पाक के राजदूत रहे हुसैन हक्कानी

हक्कानी के ट्वीट के जवाब में पर कई पाकिस्तानियों ने भी इस बात पर नाराज़गी जाहिर की कि पाकिस्तानी नेता और कुछ लोग भारत के चंद्रयान-2 मिशन का भी मज़ाक उड़ा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे हुसैन हक्कानी ने अपने देश के लोगों को नसीहत दी है। वह 2008-11 तक अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे थे। इसके अलावा वह कई पुस्तकें भी लिख चुके हैं। अभी वह वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक हडसन इंस्टीट्यूट में ‘दक्षिण एवं मध्य एशिया’ के डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। हुसैन ने पाकिस्तानियों को सलाह दी कि वे भारत के बजाय खुद की चिंता करें।

हुसैन हक्कानी ने ट्विटर पर लिखा कि पाकिस्तानियों को भारत या भारतीयों से प्रतिस्पर्धा करने, उनका मजाक उड़ाने, उनके साथ अपनी तुलना करने की बजाय अपने राष्ट्रीय हितों पर विचार करना चाहिए। हक्कानी ने कहा कि भारत या भारतीयों की खिल्ली उड़ाने, उन्हें गालियाँ देने, उनका अपमान करने या फिर उन्हें बदनाम करने की जगह पर पाकिस्तानियों को अपने देश के बारे में सोचना चाहिए।

हुसैन ने अपनी नई पुस्तक ‘Reimagining Pakistan: Transforming a Dysfunctional Nuclear State’ का नाम टैग करते हुए अपने विचार रखे। हुसैन हक्कानी की इस ट्वीट पर कई पाकिस्तानियों ने भी इस बात पर नाराज़गी जाहिर की कि पाकिस्तानी नेता और कुछ लोग भारत के चंद्रयान-2 मिशन का भी मज़ाक उड़ा रहे हैं।

हुसैन हक्कानी ‘Pakistan Between Mosque & Military’ और ‘Magnificent Delusions’ नामक पुस्तकों के लेखक भी रह चुके हैं। बता दें कि हाल ही में पाकिस्तानी मंत्री फवाद चौधरी ने चंद्रयान-2 का मजाक बनाया था, जिसके बाद न सिर्फ़ भारत बल्कि पाकिस्तानियों से भी उन्हें लताड़ मिली थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -