कविता कृष्णन ने साहिल का नाम देखा और उसे मुस्लिम समझकर प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया। इसके बाद कई लोगों ने कविता कृष्णन की खिंचाई करते हुए खबरों की पुष्टि कर लेने की नसीहत दी।
यह सर्वे, विनिर्माण, सेवाओं, संबद्ध कृषि, व्यापार और अन्य क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार सृजन की जानकारी एकत्र करने के लिए किया गया था। सर्वे शुरू होने से पहले लगभग 5 करोड़ व्यक्ति ऐसे प्रतिष्ठानों में कार्यरत थे, जिन्हें मुद्रा लोन का लाभ मिला था।
उत्तराखंड के बहुचर्चित विधायकों की खरीद-फरोख्त के स्टिंग मामले में सीबीआई की तरफ से हाई कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। इसमें कहा गया है कि प्रारंभिक जाँच पूरी हो चुकी है और अब वो हरीश रावत के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहती है।
25 वर्षीय अलादीन और 21 वर्षीय लड़की साथ पढ़ते थे। अलादीन और लड़की के बीच दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे प्रेम में तब्दील हो गई। अलादीन ने शादी कर मलेशिया ले जाने का झाँसा दे लड़की से संबंध बनाए। विहिप नेता के अनुसार ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिकों ने अपने इस विरोध-प्रदर्शन को 'कश्मीर फ्रीडम मार्च' का नाम दिया था। मार्च पार्लियामेंट स्क्वेयर से शुरू होकर भारतीय उच्चायोग की बिल्डिंग तक पहुँचा। मार्च का नेतृत्व यूके की लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने किया।
अस्पतालों, डॉक्टरों, उपकरणों और अन्य संसाधनों की घोर कमी का संकट दोतरफा है। फिर क्यों 75 फीसदी डॉक्टर जुबानी और 12 फीसदी शारीरिक हिंसा के शिकार? सरकारों की नाकामी का खीझ उन पर क्यों? इस गुस्से को सिस्टम से सवाल करने के लिए बचाकर रखिए।
"आप अपनी आस्था के साथ विश्वासघात कैसे कर सकते हैं? आपको इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे क्योंकि आपने ईश्वर की अवहेलना की है। मैं आपको श्राप देता हूँ कि..."
प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई 'Prevention of Money Laundering Act (PMLA)' के तहत की है। लगातार 4 दिनों तक चली मैराथन पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें गिरफ़्तार किया है।
जावेद को जब कोई युवती वीडियो कॉल करती थी तो वह भेद खुलने के डर से रिसीव नहीं करता था। जावेद की पत्नी अपने शौहर की इस हरकत से तंग आ चुकी थी और गुस्से में उसने उसके 5 फोन फोड़ डाले थे। जावेद की बीवी ने उसके फोन में कई नंगी लड़कियों की तस्वीरें देख ली थीं।
अनुच्छेद-370 हटाए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने जब भारत से व्यापारिक रिश्ते खत्म किए तो वहाँ के व्यापारियों को भारत से दवाएँ मँगवाना बंद करने की मजबूरी थी। जिससे चंद दिनों में ही पाकिस्तान के अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की भी घोर किल्लत हो गई। दवाओं के अभाव में मरीज तड़पने लगे.....