पत्रकारों का एक संगठन है प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI)। इस संस्था का एक बार फिर से 'दर्द' प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उभर आया है।
नब्बे के दशक में भी देश में तीन-तीन बार SIR किया जा चुका है, फिर हंगामा सिर्फ़ अभी क्यों? 1957 और 1961 में जब SIR हुआ था, तब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे।
छांगुर पीर नेपाल से सटे जिलों में धर्मांतरण का नेटवर्क स्थापित करने में जुटा था। इसके लिए ₹10 करोड़ खर्च करने की तैयारी थी। 46 गाँवों के हिंदू युवाओं को टारगेट बनाने वाला था।