13 जुलाई 1931 की जिस घटना को 'इस्लामी विद्रोह' बताया जाता है, असल में वह हिंदुओं के विरुद्ध मजहबी घृणा से उपजी थी। अब जिहादियों को 'शहीद' बता छुट्टी की माँग हो रही है।
रेस्टोरेंट में काम करने वाला कर्मचारी कन्नड़ भाषी व्यक्ति से कन्नड़ में बात कर रहा था, लेकिन फिर भी उस व्यक्ति का गुस्सा इसलिए बढ़ता गया क्योंकि रेस्टोरेंट पर ओड़िया में साइनबोर्ड लगा था।
देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसव ने बताया कि देहरादून में ऐसे अंपजीकृत मदरसे 16 पाए गए हैं जबिक विकासनगर में 34 , डोईवाला में 6 और कलसी में 1 हैं।