नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट्स में केजरीवाल सरकार की करतूतें उजाकर हो रही हैं। इन रिपोर्ट्स को अरविंद केजरीवाल या आतिशी के मुख्यमंत्री रहते विधानसभा में पेश ही नहीं किया गया।
ASI ने कोर्ट को दी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ढाँचे में कोई ऐसी संरचनात्मक समस्या नहीं है इसलिए इसकी मरम्मत या फिर रंगाई करना जरूरी नहीं है। अब मामले में अगली सुनवाई 5 मार्च को होगी।
आध्यात्मिक क्षेत्र में रिसर्च करने वाले लोग करोड़ों भारतवासियों के इस उत्साह पर अध्ययन करेंगे तो पाएँगे कि अपनी विरासत पर गौरव करने वाला भारत अब एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है।