'पेशवा वॉरियर ट्रंप' के कैप्शन वाले वीडियो में 'मल्हारी' गाने पर थिरक रहे रणवीर सिंह के चेहरे को ट्रंप के चेहरे से रिप्लेस कर दिया गया है। इस मीम वीडियो को किसी और ने नहीं बल्कि ट्रंप के बेटे ने फेसबुक पर शेयर किया है।
टीपूडा ने कई सारे कार्टून्स को सही (राजनीतिक रूप से) किया है, खासकर सतीश आचार्य द्वारा बनाए गए कार्टून्स। उन्होंने इन कार्टून्स को सही करते हुए बताया है कि कैसे ये ओरिजिनल कार्टून्स पक्षपाती हैं और सिर्फ एक ही पक्ष को दिखाते हैं।
सोशल मीडिया में अटकलों का बाजार फिर गरम हो गया है। सूजे गाल के साथ एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में केजरीवाल पहुॅंचे। उन्होंने इसकी वजह इंफेक्शन बताया। लेकिन, यूजर्स इसे अमानतुल्लाह से जोड़ रहे हैं।
मोदी-विरोध में डूबे कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य को आईना दिखाया है अमोल ने। CAA-NRC से लेकर तान्हाजी Vs छपाक और गोडसे-गाँधी से लेकर केजरीवाल-JNU तक - कार्टूनिस्ट सतीश के प्रोपेगेंडा को कार्टून से ही जवाब दिया है अमोल ने।
“ये भारतीय छात्र हैं, इन्हें एयरपोर्ट ले जाया जाएगा और वहाँ से फिर इन्हें इनके घर पहुँचाया जाएगा। बांग्लादेश वाले भी चले जाएँगे। एक हम पाकिस्तानी हैं, जो यहाँ पर फँसे हैं। जिनकी सरकार कहती है कि आप मरो या जियो, हम आपको नहीं निकालेंगे। शेम ऑन यू पाकिस्तान, सीखो भारत से कुछ सीखो।”
राहुल रौशन ने यह ट्वीट लेफ्ट लिबरल गिरोह के पत्रकारों पर व्यंगात्मक शैली में किया था। लेकिन अनुराग कश्यप ने मानो तय कर लिया था कि उन्हें जलील होना ही है। इसलिए व्यंग्य को न समझते हुए भी उन्होंने निशाना साधा लेकिन तीर उल्टा...
अरविंद केजरीवाल के इस ट्वीट के बाद यूजर्स अलग-अलग मौक़ो पर उनके दिए बयानों का उल्लेख करते हुए कहने लगे कि अब चुनाव नजदीक होने के कारण ढोंग न करें। क्योंकि केजरीवाल ही वो शख्स है जो कल तक नरेंद्र मोदी को देशद्रोही, आतंकवादी कह रहे थे।
हंसल अपनी कुंठा निकालते हुए विवेक के लिए लिखते हैं, "बदकिस्तमकी से ट्विटर तुम जैसे घृणा फैलाने वालों की जगह बन गया है। मैं सच में उम्मीद करता हूँ कि तुम इस्लाम में परिवर्तित हो जाओ, ताकि तुम्हें समझ आए कि इस मजहब के लोग किसकी लड़ाई लड़ रहे है।"
कुणाल कामरा ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए लिखा है- "मुझे अर्णब का नंबर मिला, मैं अभी भी उन्हें डिबेट करने के लिए पूछ रहा हूँ लेकिन वो जवाब नहीं दे रहे हैं।" इसी ट्वीट में रिपब्लिक न्यूज़ चैनल को टैग करते हुए कामरा ने लिखा है क्या उनके एडिटर कायर हैं या राष्ट्रवादी?
हाल ही में न्यूज़ नेशन के संपादक दीपक चौरसिया पर शाहीन बाग़ में हुए हमले के बाद दिल्ली में ही प्रदर्शनकारियों ने ज़ी न्यूज़ के पत्रकारों पर हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैरकेडिंग तोड़कर पत्रकारों को घेरकर पीटा, यही नहीं उन्हें लात-घूँसे मारे गए।